नवदुर्गा पर दोहा – बाबूलाल शर्मा

नवदुर्गा पर दोहा . ~ १ ~मात शैल पुत्री प्रथम, कर पूजन नवरात।घट स्थापन पूजा करें, मिले सर्व सौगात।।. ~ २ ~ब्रह्मचारिणी रूप माँ, दिवस दूसरे जान।शक्ति मिलेगी भक्ति से,…

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दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा

दिनकर.दोहा छंद दिनकर दिनकर से हुए,हिन्दी हिन्द प्रकाश।तेज सूर जैसा रहा, तुलसी सा आभास।।.जन्म सिमरिया में लिये, सबसे बड़े प्रदेश।सूरज सम फैला किरण, छाए भारत देश।।भूषण सा साहित्य ध्रुव, प्रेमचंद्र…

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नारी की सुन्दरता पर कविता – बाबूलाल शर्मा

सुन्दर नारि कि सुंदर सारीनीति नियामक हाय विधायक,भाग्य कठोर लिखे हित नारी।सत्य सदा दिन रात करे श्रम,वारि भरे घट ले पनिहारी।पंथ चले पद त्राण नहीं पग,कंटक कष्ट हुई पथ हारी।'विज्ञ'…

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दोहा: भारत के 29 राज्यों के नाम

भारत के 29 राज्यों के नाम उप अपंगु आजहि उमे,अत्रि झाक सिउ राम।गोमि बिमत 'छग' के हते,'विज्ञ प्रांत के' नाम।। 🌞 उ - उत्तर प्रदेश 🌞 गो - गोवा🌞 प…

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भाद्रपद शुक्ल तृतीया हरितालिका तीज Bhadrapad Shukla Tritiya Haritalika Teej
भाद्रपद शुक्ल तृतीया हरितालिका तीज Bhadrapad Shukla Tritiya Haritalika Teej

हरतालिका पर कविता

हरतालिका वर्षा में मन भावन,माह भाद्रपद पावन,उमा सा सुहाग संग,चाहे तिय बालिका। तृतीया शुक्ल पक्ष में,नक्षत्र हस्त कक्ष में,पूजे सबलाएँ सत्य,पार्वती प्रणपालिका। धारती कठोर प्रण,निर्जला चखे न तृण,पूर्ण दिन रात…

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मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार) MOTHER'S DAY 2ND SUNDAY OF MAY MONTH
मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार) MOTHER'S DAY 2ND SUNDAY OF MAY MONTH

 2nd रविवार मई मातृ दिवस पर हिंदी कविता

मातृपितृ पूजा दिवस भारत देश त्योहारों का देश है भारत में गणेश उत्सव, होली, दिवाली, दशहरा, जन्माष्टमी, नवदुर्गा त्योहार मनाये जाते हैं। कुछ वर्षों पूर्व मातृ पितृ पूजा दिवस प्रकाश में आया। आज…

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भाद्रपद शुक्ल तृतीया हरितालिका तीज Bhadrapad Shukla Tritiya Haritalika Teej
भाद्रपद शुक्ल तृतीया हरितालिका तीज Bhadrapad Shukla Tritiya Haritalika Teej

तीज पर कविता – चौपाई छंद

तीज पर कविता - चौपाई छंद _बाबूलालशर्मा,विज्ञ_ भाद्रपद शुक्ल तृतीया हरितालिका तीज Bhadrapad Shukla Tritiya Haritalika Teej वर्षा ऋतु सावन सुखदाई।रिमझिम मेघ संग पुरवाई।।मेह अमा हरियाली लाए।तीज पर्व झूले हरषाए।।झूले…

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शिव स्तुति
शिव स्तुति, भजन , अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम"

शिव – मनहरण घनाक्षरी

शिव - मनहरण घनाक्षरी उमा कंत शिव भोले, डमरू की तान डोले, भंग संग  भस्म धारी, नाग कंठ हार है। शीश जटा चंद्रछवि, लेख रचे ब्रह्म कवि, गंग का विहार…

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बनिए गुरु तब मीत -बाबू लाल शर्मा बौहरा विज्ञ

बनिए गुरु तब मीत द्रोण सरीखे गुरु बनो,भली निभाओ रीत। नहीं अँगूठा माँगना, एकलव्य से मीत।।एकलव्य की बात से, धूमिल द्रोण समाज।कारण जो भी थे रहे, बहस न करिए आज।।परशुराम…

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परशुराम जयंती पर रचना

परशुराम जयंती पर रचना हे ! विष्णु के छठवें अवतारी, जगदग्नि रेणुका सुत प्यारे ।तुम अजय युद्ध रण योद्धा हो,जिनसे हर क्षत्रिय रण हारे ।।भृगुवंशी हो तुम रामभद्रब्राम्हण कुल में…

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