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पर्व / त्यौहार आधारित

चलो फिर आज खुश होकर, दिवाली को मनाएँ हम-प्रवीण त्रिपाठी जी की…

दीपावली विशेष कविताचलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम।हमारा देश हो रोशन, दिये घर-घर जलाएँ हम।मिटायें सर्व तम जो भी, दिलों में है भरा कब से।करें…

बाबूलालशर्मा द्वारा रचित भाई दूज पर विशेष कविता ( कुण्डलिया…

           ??‍♀ *भाई दूज* ??‍♀              ( कुण्डलिया छंद ).                      चलती रीति सनातनी, पलती प्रीत विशेष!भाई बहिना दोज पर, रीत …

भाईदूज विशेष: एक सैनिक की भाई दूज जब वह बहन के पास नहीं आ पाता…

 *भाई दूज*  मैं डटा हूँ सीमा परबनकर पहरेदार कैसे आऊँ प्यारी बहनामनाने त्यौहार याद आ रहा है बचपनपरिवार का अपनापनदीपों का वो उत्सव मनाते थे शानदार …

अमर पंकज(डाॅ अमर नाथ झा) का दीपावली पर बेहतरीन ग़ज़ल, जरूर…

ग़ज़लः रात भर मंज़ूर जलना, जोत ने जतला दियादूर करके हर अँधेरा दीप ने दिखला दियाघिर गया था हर तरफ़ से, रात काली थी बहुत चाँद ने हँस कर मुझे पर…

डॉ सुशील शर्मा द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित सुंदर दोहे

दीपावली पर दोहेडॉ सुशील शर्मा नई ज्योति के पंख हों ,ज्योतिर्मय हर द्वार।तिमिर न अब बाकी बचे ,नेह भरा संसार।आज अमावस रात है ,तिमिर हँसे चहुँओर।एक…

गोवर्धन पूजा पर रचित प्रवीण त्रिपाठी जी सुंदर रचना आप जरूर…

*नटवर नागर प्यारे कान्हा, गोवर्धन कर धरते हो।**इंद्र देव का माधव मोहन, सर्व दर्प तुम हरते हो।**ब्रज मंडल के सब नर-नारी, इंद्र पूजते सदियों…

विनोद सिल्ला के द्वारा रचित “कैसी दीवाली” दीवाली…

कैसी दीवाली कैसी दीवाली किसकी दीवालीजेब भी खाली बैंक भी खालीहर तरफ हुआ है धूंआ-धूंआपर्यावरण भी दूषित है हुआजीव-जन्तु और पशु-पखेरआतिशी…

कवि बाँके बिहारी बरबीगहीया द्वारा रचित दीपावली पर्व आधारित…

शुभ दिन आज दीपोत्सव आयाअपने संग खुशी उमंग को लाया।सजा-धजा हर घर का कोनारंग-बिरंगी खुशियाँ है लाया।आपसी बैर कटुता को मिटाकरमिलजुल कर रहने को…

चलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम- प्रवीण त्रिपाठी का…

*चलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम।**हमारा देश हो रोशन, दिये घर-घर जलाएँ हम।**मिटायें सर्व तम जो भी, दिलों में है भरा कब से।**करें…