KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
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ख़ास दिवस आधारित

मजदूर सदा कहलाता हूँ

*लावणी छंद* ""मजदूर सदा कहलाता हूँ"" ★★★★★★★★ कंधे पर मैं बोझ उठाकर, काम सफल कर जाता हूँ। निज पैरों पर चलने वाला, मैं मजदूर कहाता हूँ।…

श्रमिक-विकास की बुनियाद

श्रमिक-विकास की बुनियाद सूरज की पहली किरण से काम पर लग जाता हूँ। ढलते सूरज की किरणों संग वापस घर को आता हूँ। अपने घर परिवार के लिए,शरीर की चिंता…

पृथ्वी संरक्षण

?????? ~~~~~~~~बाबूलालशर्मा ? *पृथ्वी संरक्षण* ? ( लावणी छंद ) प्यारी पृथ्वी जीवन दात्री, सब पिण्डों में, अनुपम है। जल,वायु का…

प्रेम पत्र

????????? ~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* ?? *नवगीत* ?? ?..... *प्रेम पत्र* .....? . ??‍♀ प्रेम पत्र लिख लिख के फाड़े भू को अम्बर…

गीत माला ४२

. ? *गीतमाला* ? © सर्वाधिकार सुरक्षित ® बाबू लाल शर्मा बौहरा *विज्ञ* सिकंदरा,दौसा, राजस्थान (भारत) के ४२ छंदाधारित चुनिंदा *गीत/नवगीत* का अनूठा…

दीया बन प्रकाश करे

Madan Singh: होडा होड म मर रिया,म्हारा भाई लोग। समझाया माने नही,फैला अणुतो रोग। फैला अणुतो रोग,होड म गोडा कुटीजे। किणकी करले होड,लैणो ले भात…

दुनिया बचा लो

हिन्दू नववर्ष २०७७ की हार्दिक शुभकामनाएं *दुनिया बचा लो* कोरोना से जन जीवन हताश है। खिले चेहरे आज क्यों उदास हैं। मन में भरो हमारे माता विश्वास…

हाइकु छंद.,..300

हाइकु छंद.. ३०० ????????? ~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* ? *हाइकु......१००* ? . प्रथम शतक . °°°°°°°° १. खेत में डेरा…

हाइकु छंद…३००

*हाइकु...३०० बाबू लाल शर्मा* ????????? ~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* ? *हाइकु छंद* ? . °°°°°°°°° *मूलत: जापानी विधा हाइकु* की रचना…