hindi muktak || हिंदी मुक्तक
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प्रीत पुरानी-बाबू लाल शर्मा

प्रीत पुरानी १६ मात्रिक मुक्तकथके नैन रजनी भर जगते,रात दिवस तुमको है तकतेचैन बिगाड़ा, विवश शरीरी,विकल नयन खोजे से भगते।नेह हमारी जीवन धारा।तुम्हे मेघ मय नेह निहारा।वर्षा भू सम प्रीत…

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hindi geet || हिंदी गीत
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कैसे कह दूं कि मुझे तुमसे प्यार हुआ नहीं

कैसे कह दूं कि मुझे तुमसे प्यार हुआ नहीं   सबको कई बार होता मुझे एक बार हुआ नहीं , तुम्हें देखने को ये दिल भी बेकरार हुआ नहीं, कोशिश बहुत…

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