शिव स्तुति
शिव स्तुति, भजन , अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम"

शिव – मनहरण घनाक्षरी

शिव - मनहरण घनाक्षरी उमा कंत शिव भोले, डमरू की तान डोले, भंग संग  भस्म धारी, नाग कंठ हार है। शीश जटा चंद्रछवि, लेख रचे ब्रह्म कवि, गंग का विहार…

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मुख पर कविता – राजेश पांडेय वत्स

मुख पर कविता -मनहरण घनाक्षरी गैया बोली शुभ शुभ, सुबह से रात तक,कौआ बोली हितकारी,चपल जासूस के! हाथी मुख चिंघाड़े हैं, शुभ मानो गजानन,सियार के मुख कहे,बोली चापलूस के! मीठे…

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रसोईघर पर कविता – राजेश पांडेय वत्स

रसोईघर पर कविता (छंद-मनहरण घनाक्षरी) अँगीठी माचीस काठ,कंडा चूल्हा और राख, गोरसी सिगड़ी भट्टी, *देवता रसोई के!*सिल बट्टा झाँपी चक्की,मथनी चलनी चौकी,कड़ाही तसला तवा, *वस्तु कोई-कोई के!*केतली कटोरा कुप्पी,बर्तन मूसल…

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सुभाष चंद्र बोस – डॉ एन के सेठी

सुभाष चंद्र बोस - डॉ एन के सेठी आजादी के नायक थेमातृभू उन्नायक थेजीवन अर्पण कियाऐसे त्यागी वीर थे।।भारत माँ हुई धन्यदेशभक्ति थी अनन्यजयहिन्द किया घोषकर्मयोगी वीर थे।।त्याग दिया घर…

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