KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार बाल मंच ज्वाइन करें @ WhatsApp

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

Browsing Tag

~मुक्तक

मुक्तक वह काव्य है जिसमें प्रबन्धकीयता न हो। इसमें एक छन्द में कथित बात का दूसरे छन्द में कही गयी बात से कोई सम्बन्ध नहीं है. प्रत्येक छंद अपने आप में पूर्णत: स्वतंत्र और सम्पूर्ण अर्थ देने वाला होता है.

Muktak is a type of poetry. In this, the said matter in one verse does not have any relation on other verse. Muktak is a genre of poetry in which the story has no prior connection. Each stanza in itself is completely independent and gives full meaning.