KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

तू नारी है तू शक्ति है

महिला जागृति कविता

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तू नारी है तू शक्ति है

“भारत की शान हो,
हम सबकी अभिमान हो!
स्वर्णिम इतिहास के लिए,
देश की गौरव गान हो!!”

“खुशियों का संसार हो,
जीवन का आधार हो !
प्रेम की शुरुआत हो,
जीवन का आगाज हो!!”

“माता का मान हो,
पिता का सम्मान हो!
पति की इज्जत हो,
रिश्तो का शान हो!!”

“जीवन की छाया हो,
मोहभरी माया हो!
जीवन को परिभाषित,
करने वाली निबंध हो!!”

“स्नेह,प्रेम,ममता,का भंडार हो,
आज बनी युग की निर्माता हो!
नारी तुम स्वतंत्र हो,
जीवन धन यंत्र हो!!”

प्रस्तुति

कृष्णा चौहान msc 3rd sem botany
अमेरी ,जिला-रायगढ़

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