KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

वाह रे एस एल ए

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वाह रे एस एल ए

वाह रे एस एल ए, अब्बड़ हे तोर झमेले! 
     
का कभू गुरु जी परीक्षा नई लेहे, 
    या लईका मन परीक्षा नई देहे! 
फेर कईसे टीम एप में सब झन ल तै पेरे, 
    वाह रे एस एल ए, अब्बड़ हे…. 

न पेपर हे न पेंसिल हे हाथ म ,   
    न लईका ल डर हे परीक्षा के बात म ! 
गुरु जी हा बोर्ड में दू घंटा ल प्रश्न लिखे, 
अऊ लईका मन खेले, वाह रे ….. 

न तिमाही  न छमाही, न वार्षिक हे तोर  ये मुल्यांकन म, 
       PA, FA, S हे तोर ये व्यापक आकलन म, 
 पहली – दूसरी के लईका के आनलाइन पेपर लेले, 
वह रे एस एल ए,……. 

टीम टी के  चक्कर म , गुरु जी नेटवर्क खोजत हे, 
      ये केईसन दिन आगे ,ये का सजा भोगत हे! 
जतका  परीक्षा लेना हे गुरु जी के ओतका तै लेले, 
वाह रे एस एल ए, ……… 

दूजराम साहू
निवास भरदाकला
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

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