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विश्व जल दिवस की कविता

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विश्व जल दिवस 22 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व के सभी देशों[2] में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है साथ ही जल संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करना है।

22 मार्च विश्व जल दिवस 22 March World Water Day
22 मार्च विश्व जल दिवस 22 March World Water Day

विश्व जल दिवस की कविता

जल है जीवन का आधार,
करता सबका है बंटाधार।
जल से धरती परती सजती,
मिले ना जल हो जन लाचार।

जल जीवों की काया है,
दो तिहाई भाग में छाया है।
मृदु,खारे, रंगीन कहीं बन,
अनेक रूपों में पाया है।

जल बिन तरु सूखे डगरी का,
छाया मिटती उस नगरी का।
बनकर गंगाजल है धोता,
मैल पुरानी सब गगरी का।

अंतिम जब जीवन की बेला,
खत्म हो रही जीवन मेला।
तब दो बूंद पिलाकर जल ही,
मौत से करते ठेलम ठेला।

जल इतना अहम है भाई,
सब कहते हैं गंगा माई।
समझ ना पाये होके अंधे,
जल में इतनी मैल गिराई।

दूषित जलाशय फाँसी केफंदे,
हमारे विकास ने किये हैं गंदे।
खूब फलते फूलते हैं देखो,
इस धारा पर पानी के धंधे।

जल की बूंद बूँद का संचय करना होगा,
हो ना जाये कहीं जल संकट डरना होगा।
यदि नहीं सम्भला धरा का हर जीव जन,
तो जल बिन मछली जैसे मरना होगा।


अशोक शर्मा

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1 Comment
  1. BASUDEV Yadav says

    Nice