KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता

9 1,813

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता

योग को अपनाना है।
रोगों को दूर भगाना है।
बाबाजी का ये कहना है।
व्यायाम रोज ही करना है।

योग,अध्यात्म है एक विज्ञान ।
हजारों बीमारी से करें रोकथाम ।
इनसे ही लोगों का कल्याण।
बिन योग जीवन है श्मसान ।

योग की विशेषता सबको बतानी है,
योग से नहीं होनी कोई परेशानी है।
योग से ही ना बीपी और ना शुगर ।
योग अपना लो करो ना अगर-मगर।

इक्कीस जून है, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ।
योग कर, रोग मानेगा हार होकर विवश।

✍️
प्रियांशी मिश्रा

Leave A Reply

Your email address will not be published.

9 Comments
  1. मुस्कान says

    Nice

  2. Anjali says

    Nice

  3. Shivani says

    Nice

  4. Neha says

    Nice

  5. somendra says

    Nice

  6. Shreya says

    Good

  7. Annu says

    Awesome lines

  8. Pooja says

    Well done

  9. Anupam says

    Nice