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विश्व परिवार दिवस पर प्रियांशी की कविता

आप सभी को विश्व परिवार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।घर रहें, सुरक्षित रहे।

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विश्व परिवार दिवस पर प्रियांशी की कविता

परिवार में होते कई सदस्य
सबकी अलग है भूमिका ।
कोई हर काम में तेज़ तो
तो कोई हर काम है फीका ।

कहीं दादा-पोते में है प्यार,
कहीं दादी की मीठी फटकार,
कहीं मम्मी की प्यारी  डांट,
तो पापा के अपने ही ठांठ।

छोटों की चहल-पहल,
और होती बड़ों की गम्भीरता,
इन सबके मेल से होती
परिवार जनों में एकता।

परिवार का साथ है तो
लगता हर दिन त्योहार है,
जिसमें सबकी जीत हो,
ना होती किसी की हार है।



-प्रियांशी मिश्रा
उम्र:16

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17 Comments
  1. Nitin says

    Good

  2. Chhaya says

    Good

  3. poonam says

    nice but pryaash jaari rakhe

  4. Aashi says

    Nice

  5. Anupam says

    Nice

  6. Shivanshi says

    Very nice

  7. Divyanshi says

    Pryaash jaari rakhe

  8. Muskan says

    Keep it up

  9. Meena says

    Nice

  10. Muskan says

    Very nice poem

  11. Ayushi says

    Keep it up

  12. Shreya says

    Nice

  13. Mandvi bajpai says

    very nice

  14. Rohan says

    Nice

  15. वंशिका यादव अनुष्का (अनू) says

    keep it up

  16. वंशिका यादव अनुष्का (अनू) says

    kahar dha rahe ho

  17. Somendra mishra says

    Keep it up