ये सफ़र प्यार का सुहाना, मरते दम तक प्यार को निभाना

ये सफ़र प्यार का सुहाना,
मरते दम तक प्यार को निभाना।
रोक ले चाहे हमको जमाना,
दिलबर से अब दिल है लगाना ।
अब सह न सकूं एक पल जुदाई ,
सनम से जो है दिल लगाई ।
सीधी सादी सच्ची है जानेमन ,
जिनसे करना नहीं हमको बेवफाई ।
प्यार में सब कुछ कर जाना
पिया के हैं जो प्रेम में दीवाना ।।
प्यार है एक तो जादू
दिल हो जाता बेकाबू ।
प्यार से सामना कर सके ना कोई
सच्चे मन ही इसमें लागू ।
आज खुशनुमा मौसम में उनको सताना
प्रेमजल से उनके तन को भिगाना ।।
प्यार की एक तू नाजुक कली,
खुशियां भरी आंगन में तुम पली ।
चांदनी से खूबसूरत तुम लली
यही धुन गूंजता अब हर गली ।
अब तो दिल को दिल से मिलाना
प्यार क्या होती सब को दिखाना ।
ये सफ़र प्यार का सुहाना….
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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