📖 कविता बहार
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📖 कुल 3087 कविताएँ मिलीं
हिंदी कविता
हम डरते रहे आत्मा-अवलोकन से,इस भ्रम में किजैसे ही सच मान लिया,कोई हाथ में पोछा थमा देगाऔर कहेगा —“अब साफ करो,यह तुम्हारी ही गंदगी है।”…
समाज और यथार्थ
पत्ता, पेट और पृथ्वी हम खड़े हैं एक ऐसे समय मेंजहाँ सवालरोटी बनाम रोज़गार का नहीं,रोटी बनाम भविष्य का है।तेंदूपत्ता अब केवल पत्ता नहीं रहा—वह…
हिंदी कविता
बोध और अवबोध बोध और अवबोधजान लेना हीदेख लेना नहीं होता।सूचनायेंआँख नहीं खोलती,केवल स्मृति भरती है।यही भ्रमजीवन भर चलता रहता है। तथ्य बताए गए,पर भीतर…
हिंदी कविता
सुविधा के विरुद्ध सत्य मैंने देखा—लोग सच नहीं ढूँढते,वे अपनी सुविधा ढूँढते हैं। भीड़ के कंधों पर चढ़करहर कोई ऊँचा दिखना चाहता है,पर अपने भीतर…
हिंदी कविता
वही डूबना तैरना है जो सच में सार्थक है,उसमें जब तुम डूबते हो,तो फालतू बातेंदरवाज़े पर आकर भीअंदर नहीं आ पातीं। वे दस्तक देती हैं,पर…
हिंदी कविता
छोटे क्यों बने रहना? छोटा जन्म लेनाकोई अपराध नहीं है। अज्ञान, असुरक्षा, प्रतिक्रिया—यहीं से हर जीवन शुरू होता है। पर छोटा बने रहनाएक चुनाव है।…
हिंदी कविता
ऐसा लक्ष्य चुनो, जहाँ पहुँचा ही न जा सके ऐसा लक्ष्य मत चुनो कि जो पूरा हो जाए।बल्कि ऐसा लक्ष्य चुनोजो हमें आख़िरी साँस तकचलाए…
हिंदी कविता
चुनाव सारी असहायताऔर दोषारोपणएक अभिनय है।सबसे कमज़ोर क्षण में भीहम इतने सक्षम होते हैंकि चुनाव कर सकें।और यही वह शक्ति हैजो हमें दिल के सबसे…
समाज और यथार्थ
“जेब और जिस्म की शादी” शादी—एक ऐसा शब्दजिसके भीतर प्रेम से ज़्यादाभ्रम रहता है।हम सोचते हैंहम किसी व्यक्ति को चुन रहे हैं—पर सच मेंहम उसके…
हिंदी कविता
सवाल ही पहली क्रांति हुकूमत करने वालेसिर्फ़ दो-चार,कुर्सी पर बैठे,कलम और बंदूक के सहारेअपने को विशाल समझते हैं।मानने वालेहज़ारों नहीं,लाखों में—फिर भी सिर झुकाए,नज़रें ज़मीन…
हिंदी कविता
अरावली, जंगल, बाजार और मैं अरावलीसिर्फ पहाड़ नहीं है,यह समय की रीढ़ है,जो थामे खड़ी हैरेगिस्तान कीबढ़ती हुई लालसा को। जब अरावली कटती हैतो पत्थर…
मन और भावनाएँ
समझजानकारी नहीं है।जो पढ़ ली जाए,याद कर ली जाए—वह समझ नहीं। समझवह हैजो देखने के बादबदलने को विवश कर दे। जो सच दिखा देऔर फिरपुराना…
