कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

पहला प्रेम / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

पहला प्रेम हमारा पहला प्रेमनहीं होना चाहिए किसी और से ।वह होना चाहिए हमारीअपनी ही सर्वोच्च संभावना से —एक उग्र, अडिग, अविराम प्रेम। प्रेम की गुणवत्तानहीं हो सकती अलगहमारे जीवन की गुणवत्ता से ।यदि औसतपन मेंजीवन भीगा हुआ है,तोकैसे दिव्य होगा प्रेम?पर हम तो चाहते हैंपरीकथाओं जैसा प्रेम—और स्वयं डरे हुए,लालची, छोटे जीवन जीते हैं। […]

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सच्चा प्रेम / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

सच्चा प्रेम सच्चा प्रेमसुख नहीं देता।वह परीक्षा लेता है।खींचता है।तोड़ता है।वह शिल्पकार की छेनी है—जो निर्दयता सेअनगढ़ पत्थर पर पड़ती है,जब तकरूप प्रकट न हो जाए। जो तुम्हेंपूर्ण संतोष दे सकता है,वह तुम्हेंवैसा ही रहनेकभी नहीं देगाजैसे तुम हो।विस्तारकेवल विस्तृत कोमिलता है।और विस्तृत होने के लिएतुम्हें छोटा होनाछोड़ना पड़ेगा। तुम वही बनते होजिसे तुम सच

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लक्ष्य / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

ऐसा लक्ष्य चुनो, जहाँ पहुँचा ही न जा सके ऐसा लक्ष्य मत चुनो कि जो पूरा हो जाए।बल्कि ऐसा लक्ष्य चुनोजो हमें आख़िरी साँस तकचलाए रखे।क्योंकि जिस दिनहम कहते हैं कि —मैं पहुँच गया अपने लक्ष्य तक —उसी दिनपतन शुरू हो जाता है। पूर्णता का भ्रमसबसे बड़ा विश्राम है।और विश्रामअहंकार का प्रिय आसन।इसलिए उद्देश्यइतना ऊँचा

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चुनाव / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

चुनाव सारी असहायताऔर दोषारोपणएक अभिनय है।सबसे कमज़ोर क्षण में भीहम इतने सक्षम होते हैंकि चुनाव कर सकें।और यही वह शक्ति हैजो हमें दिल के सबसे पासरखना चाहिए। कोई भी स्थितिइतनी अँधेरी नहीं होती किसही चुनाव से हमेंछूट मिल जाए।और कोई भी स्थितिइतनी उजली नहीं होती किसही चुनावअनावश्यक हो जाए। सुख हो या दुःख,स्पष्टता हो या

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समझ / मनीभाई नवरत्न

मन और भावनाएँ

समझजानकारी नहीं है।जो पढ़ ली जाए,याद कर ली जाए—वह समझ नहीं। समझवह हैजो देखने के बादबदलने को विवश कर दे। जो सच दिखा देऔर फिरपुराना बने रहनाअसंभव कर दे—वही समझ है। समझभावना नहीं है।आँसू आ जाएँ,दिल भर आए—यह संवेदना हो सकती है,समझ नहीं। समझतब होती हैजब आँसू नहीं,भ्रम गिरते हैं। जबदोष देना छूटता है,शिकायत थमती

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सवाल / मनीभाई नवरत्न

हिंदी कविता

सवाल (अतुकांत कविता) सवालवह नहीं जो किताब में छपा हो,सवाल वह हैजो मन में चुभे। सवालवह नहीं जो उत्तर माँगे,सवाल वह हैजो नींद छीन ले। जब बाहर ठीक दिखता हो,और भीतर कुछ ठीक न लगे—वहीं सेसवाल जन्म लेता है। सवालभीड़ से नहीं आता,सवालअकेलेपन मेंखुद से टकराकरउभरता है। जो कहा गया हैउसे मान लेना आसान है,पर“क्यों?”

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अस्तित्व

जिज्ञासा – मनीभाई नवरत्न

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

जिज्ञासा / विज्ञान विषय पर कविता (लंबी प्रेरक कविता) जिज्ञासा—मन के भीतर जन्म लेने वालीवह छोटी-सी चिनगारी हैजो साधारण-से इंसान कोअसाधारण बनने की राह दिखाती है। यह एक प्रश्न से शुरू होती है—“यह ऐसा क्यों है?”और फिरप्रश्नों की यह श्रृंखलाइतनी लंबी हो जाती हैकि एक दिनवह पूरी दुनिया को बदल देती है। जिज्ञासा ही तो

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प्रेरणा का अंत, स्पष्टता की शुरुआत

प्रेरणा और सकारात्मकता, हिंदी कविता

प्रेरणा का अंत, स्पष्टता की शुरुआत जब प्रेरणाबाहर से आती है,तोवह बाहर के साथ हीखत्म हो जाती है। कोई भी बाहरी चिंगारीहमेशाजल नहीं सकती। हम अक्सरकिसी लक्ष्य के पीछेइस भरोसे से दौड़ते हैं—किजब यह मिल जाएगा,तबमैं पूरा हो जाऊँगा। यह भावनाअजनबी नहीं है। अभी मैं पर्याप्त नहीं हूँ,परउस मुकाम पर पहुँचकरमुझेखुद को अच्छा महसूस करने

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रिश्तों का गुलाल – परिवार और प्रेम के रंगों का प्रतीक चित्र

रिश्तों का गुलाल – प्रेम और विश्वास की हिंदी कविता

प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता

इस कविता में रिश्तों का गुलाल हिंदी कविता रिश्तों की मिठास, विश्वास और प्रेम के रंगों को उजागर करती है। यह कविता बताती है कि कैसे सच्चे रिश्ते जीवन को रंगीन बनाते हैं। भूमिका जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति धन नहीं, बल्कि रिश्ते होते हैं। रिश्ते वे रंग हैं जो जीवन की सूनी दीवारों को

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मन का अबीर

मन का अबीर: समकालीन विद्रूप पर एक हिंदी कविता

समाज और यथार्थ

इस कविता में: ‘मन का अबीर’ शीर्षक के अंतर्गत आधुनिक समाज के खोखलेपन और दिखावे पर कटाक्ष करती यह हिंदी कविता मानवीय संवेदनाओं के असली रंगों की तलाश करती है। भूमिका होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अंतर्मन के उन धूसर कोनों को रंगने का अवसर है, जहाँ नैतिकता और संवेदनाएं जमी हुई हैं।

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मार्च 2026 फाल्गुन चैत्र माह वसंत और होली पर आधारित प्रेरक कविता

रंगों की क्रांति: जागती चेतना की हिंदी कविता

समाज और यथार्थ

इस कविता में रंगों की क्रांति हिंदी कविता में समाज की चेतना, परिवर्तन की पुकार और मनुष्य की जागती आत्मा का ओजपूर्ण चित्रण किया गया है। भूमिका कभी-कभी इतिहास केवल शब्दों से नहीं बदलता,वह बदलता है रंगों से —क्रोध के लाल से, शांति के सफेद से, आशा के हरे से, और संघर्ष के केसरिया से।

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माँ से मंगल तक: नारी की अनंत उड़ान

आधी दुनिया की आवाज़: हिंदी कविता का ओजपूर्ण घोष

समाज और यथार्थ

इस कविता में इस कविता में आधी दुनिया की आवाज़ को नारी चेतना, समान अधिकार, आत्मसम्मान और समकालीन सामाजिक संघर्षों के रूप में स्वर दिया गया है। यह हिंदी कविता समाज को आईना दिखाती है। भूमिका आधी दुनिया की आवाज़ सदियों से दबाई गई, पर वह कभी मिटी नहीं। वह घर की चौखट से संसद

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स्त्री का स्वाभिमान: हिंदी कविता जो जगा दे चेतना

आध्यात्म और भक्ति

इस कविता में इस कविता में स्त्री का स्वाभिमान के भावपूर्ण स्वर के माध्यम से नारी की गरिमा, संघर्ष, आत्मबल और समकालीन समाज में उसकी पहचान को ओजपूर्ण अभिव्यक्ति दी गई है। भूमिका स्त्री का स्वाभिमान केवल एक भावना नहीं, वह अस्तित्व की जड़ है।वह मौन में भी गर्जना है, आँसुओं में भी अग्नि है।समय

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माँ से मंगल तक: नारी की अनंत उड़ान

🌺 माँ से मंगल तक: नारी की अनंत उड़ान | हिंदी कविता

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

🌺 माँ से मंगल तक: नारी की अनंत उड़ान | हिंदी कविता इस कविता में:इस कविता में माँ से मंगल तक: नारी की अनंत उड़ान को भावप्रद और ओजपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है, जहाँ नारी की शक्ति घर की देहरी से अंतरिक्ष तक विस्तार पाती है। माँ से मंगल तक: नारी की अनंत

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yogasan

नारी: नवयुग की शक्ति – बदलाव की प्रचंड ज्योति

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

नारी: नवयुग की शक्ति पर आधारित यह ओजपूर्ण कविता आधुनिक स्त्री की आत्मनिर्भरता, संघर्ष और सामर्थ्य का भावप्रद चित्रण प्रस्तुत करती है। नारी: नवयुग की शक्ति केवल एक शीर्षक नहीं, यह समय की पुकार है।आज की नारी सीमाओं को तोड़कर अपने अस्तित्व का नया मानचित्र रच रही है।वह करुणा भी है, वह क्रांति भी है;वह

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💖 प्रेम और करुणा / मनीभाई नवरत्न

प्रेम और रिश्ते, समाज और यथार्थ, हिंदी कविता

प्रेम और करुणा पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे सच्चा प्रेम करुणा में बदलकर जीवन को सकारात्मक और अर्थपूर्ण बनाता है।

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बसंत और बदलाव / मनीभाई नवरत्न

मन और भावनाएँ

बसंत और बदलाव पर प्रेरक हिंदी लेख। जानिए कैसे बसंत ऋतु हमें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और नए आरंभ की प्रेरणा देती है।

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आकाश और विश्वास / बेटी और पत्नी को उड़ान भरने की प्रेरणा देती मनीभाई की कविता

प्रेरणा और सकारात्मकता

बेटी और पत्नी को उड़ान भरने की प्रेरणा देती मनीभाई की कविता मत बाँधो उसेरिश्तों की परिभाषाओं में,वह बेटी है तो आकाश भी है,वह पत्नी है तो विश्वास भी है। उसके सपनों परसंदेह की छाया मत डालो,वह जिस दिशा में बढ़ेवहीं सूरज उगने दो। बेटी को कहो —“तेरे पंख मेरे आशीर्वाद से मज़बूत हैं,तू गिर

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चूल्हे से चौपाल तक / समर्पित सरोजिनी नायडू की जयंती – 13 फरवरी

समाज और यथार्थ

चूल्हे से चौपाल तक राष्ट्रीय महिला दिवस (भारत) पर अतुकांत कविता (समर्पित सरोजिनी नायडू की जयंती – 13 फरवरी) 4 चूल्हे की आँच मेंसदियों से तपती रही एक देहपर उस देह मेंएक स्वप्न भी था—जो धुएँ से ऊपर उठना चाहता था। वह सिर्फ रोटी नहीं सेंकती थी,वह समय को गूँथती थी,आटे में मिलाती थीसंघर्ष की

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