KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार के बारे में

“कविता बहार” हिंदी कविता का लिखित संग्रह है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

नवीन रचनाएँ

पिता पर दोहे:-

पिता पर दोहे:- पिता क्षत्र संतान के, हैं अनाथ पितुहीन।बिखरे घर संसार वह,दुख झेले हो दीन।। कवच पिता होते सदा,रक्षित हों संतान।होती हैं पर बेटियाँ, सदा जनक की आन।। पिता रीढ़ घर द्वार के,पोषित घर के लोग।करें कमाई तो बनें,घर में छप्पन भोग।। पिता ध्वजा परिवार के, चले पिता का नाम।मुखिया हैं करते वही , खेती के सब काम।। माता हो ममतामयी,पितु…
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तिरंगा (चौपाई छंद)

तिरंगा (चौपाई छंद) आजादी का पर्व मनालो।खूब तिरंगा ध्वज पहरालो।।संगत रक्षा बंधन आया।भ्रात बहिन जन मन हर्षाया।।१ …

शबरी के बेर(चौपाई छंद)

शबरी के बेर(चौपाई छंद) त्रेता युग की कहूँ कहानी।बात पुरानी नहीं अजानी।।शबरी थी इक भील कुमारी।शुद्ध हृदय मति शील…

मात पिता पूजन दिवस दोहे

मात पिता पूजन दिवस दोहे सीमा पर रक्षा करे, अपने वीर जवान।मरते मान शहीद से, जीते उज्ज्वल शान।। प्रेम दिवस पर है विनय , सुनिये सभी सुजान।मात पिता को नेह दें, मन विश्वासी मान।।न्यौछावर हैं देश पर , मातृभूमि के पूत।त्याग और बलिदान हित, क्षमता लिए अकूत।। मातृ शक्ति को कर नमन, नारी का सम्मान।सृष्टि संतुलन संचरण, रखें आन अरु शान।। मात जन्म…
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मैं साथ हूं हमेशा तेरे ( पिता पर कविता)-रीता प्रधान

मैं साथ हूं हमेशा तेरे ( पिता पर कविता) हमारी और हमारे पापा की कहानी ।आसमान सा विस्तार ,सागर सा गहरा पानी।जब…

पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे)

पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे) ख्याल रखें संतान का, तजकर निज अरमान।खुशियाँ देते हैं पिता, रखतें शिशु का…

कविता बहार का उद्देश्य

कविता बहार का उद्देश्य कवियों और पाठकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है. जहाँ कवियों का काव्य संकलन की जा सकें, और उसे पाठकों तक पहुँचाया जा सके। इसके माध्यम से, कवि अपने कविता का संग्रह कराके अपने पाठकों तक अपनी भाव और विचार बांट सकते हैं। वे दूसरे कवियों के सामग्री पर ध्यान केंद्रित कर अपनी काव्य रचना में निखार ला सकते हैं।

कविता बहार कवियों को अधिक पहचान प्रदान करता है और पाठकों को उनसे जुड़ने में मदद करता है।

दूसरी ओर, पाठक कवियों की लिखी गई रचना तक पहुँच प्राप्त करते हैं, जिसे वे पढ़ सकते हैं और आनंद ले सकते हैं। सामग्री तार्किक रूप से रचनाकारों, श्रेणियों ,काव्य विषय आदि के अनुसार व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।

इसके अतिरिक्त, कविता बहार में कुछ लोकप्रिय कवियों के कालजयी रचनाओं को संग्रहित किया गया है।

काव्य का चयन कविता बहार की टीम के पास ही सर्वाधिकार सुरक्षित है। इस हेतु हमें कोई बाध्य नहीं कर सकता है। हम लगातार कविता बहार में उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं।

आशा है आप हमारे साथ इस यात्रा का आनंद लेंगे और सहयोग प्रदान करेंगे।

MANIBHAI NAVRATNA

मनीभाई नवरत्न ,बसना, छत्तीसगढ़

साप्ताहिक लोकप्रिय रचनाएँ

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता योग को अपनाना है।रोगों को दूर भगाना है।बाबाजी का ये कहना है।व्यायाम रोज ही करना है।योग,अध्यात्म है एक विज्ञान ।हजारों बीमारी से करें रोकथाम ।इनसे ही लोगों का कल्याण।बिन योग जीवन है श्मसान ।योग की विशेषता सबको बतानी है,योग से नहीं होनी कोई परेशानी है।योग से ही ना बीपी और ना शुगर ।योग अपना लो करो ना अगर-मगर। …
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जीवन में संगीत ही आधार है

जीवन में संगीत ही आधार है संगीत से ही जुडा़ जीवन,जीवन में संगीत ही आधार है । मां की लोरी में पाया संगीत की झंकार है।पापा के गीतों में पाया खुशियां अपार है । बारिश की कल कल बूंदो मेंआती संगीत की बयार है ।कलियों की खिलने मेंभंवरे करते…

जीवन एक संगीत है-आभा सिंह

जीवन एक संगीत है-आभा सिंह जीवन एक संगीत है इसको गुनगुनाइए लाखों उलझनें हो मगर हँसकर सुलझाइए कमल कीचड़ में भी रहकर अपनी सुन्दरता ना खोतागुलाब काँटों में भी रहकर मुस्कुराना ना भूलतादामन से काँटे चुन-चुनकर जीवन को सफल बनाइएजीवन एक संगीत है…

बुजुर्गों के सम्मान पर कविता

बुजुर्गों के सम्मान पर कविता बुजुर्ग, परिवार-आधार-स्तंभ, इनका करो सम्मान, करो सेवा सहृदय से, इनका मत करो अपमान। करो सत्कार बुजुर्गों पर ,रोको इन पर अत्याचार, बड़ा खुशनसीब है वो जिसे मिला, बुजुर्गों का प्यार। परोपकार का हमको देते ये…

रक्तदान महादान

रक्तदान महादान (विश्व रक्तदाता दिवस)रक्तदान है महादाननिष्प्राण को दे जीवनदान,इससे होता जनकल्याणमानव तू बना अपनी पहचान।रक्तदान साबित होता,निस्सहाय को वरदान,रक्त की एक एक बूंदटूटती सांसों को दे नव प्राण।तोड़ो मिथक तोड़ो भरम,रक्तदान की…


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