KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार के बारे में

“कविता बहार” हिंदी कविता का लिखित संग्रह है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

नवीन रचनाएँ

फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

इस ग़ज़ल में किसी से मिलने की आरज़ू को बयाँ किया गया है | फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं – ग़ज़ल – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”
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धर्मपत्नी पर कविता

धर्मपत्नी पर कविता ( विधाता छंद, २८ मात्रिक )हमारे देश में साथी,सदा रिश्ते मचलते है।सहे रिश्ते कभी जाते,कभी…

सुख-दुख की बातें बेमानी

सुख-दुख की बातें बेमानी ( १६ मात्रिक )मैने तो हर पीड़ा झेली,सुख-दुख की बातें बेमानी।दुख ही मेरा सच्चा…

अब तो मेरे गाँव में

अब तो मेरे गाँव में . ( १६,१३ )अमन चैन खुशहाली बढ़ती ,अब तो मेरे गाँव में,हाय हलो गुडनाइट बोले,मोबाइल अब गाँव में।टेढ़ी ,बाँकी टूटी सड़केंधचके खाती कार में,नेता अफसर डाँक्टर आते,अब तो कभी कभार में।पण्चू दादा हुक्का खैंचे,चिलम चले चौपाल मे,गप्पेमारी ताश चौकड़ी,खाँप चले हर हाल में।रम्बू बकरी भेड़ चराता,घटते लुटते खेत में,मल्ला काका दांव लगाताकुश्ती…
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उड़ जाए यह मन

उड़ जाए यह मन (१६ मात्रिक)यह,मन पागल, पंछी जैसे,मुक्त गगन में उड़ता ऐसे।पल मे देश विदेशों विचरण,कभी रुष्ट,पल मे…

समय सतत चलता है साथी

समय सतत चलता है साथी गीत(१६,१६)कठिन काल करनी कविताई!कविता संगत प्रीत मिताई!!समय सतत चलता है साथी,समय कहे मन…

कविता बहार का उद्देश्य

कविता बहार का उद्देश्य कवियों और पाठकों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है. जहाँ कवियों का काव्य संकलन की जा सकें, और उसे पाठकों तक पहुँचाया जा सके। इसके माध्यम से, कवि अपने कविता का संग्रह कराके अपने पाठकों तक अपनी भाव और विचार बांट सकते हैं। वे दूसरे कवियों के सामग्री पर ध्यान केंद्रित कर अपनी काव्य रचना में निखार ला सकते हैं।

कविता बहार कवियों को अधिक पहचान प्रदान करता है और पाठकों को उनसे जुड़ने में मदद करता है।

दूसरी ओर, पाठक कवियों की लिखी गई रचना तक पहुँच प्राप्त करते हैं, जिसे वे पढ़ सकते हैं और आनंद ले सकते हैं। सामग्री तार्किक रूप से रचनाकारों, श्रेणियों ,काव्य विषय आदि के अनुसार व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है।

इसके अतिरिक्त, कविता बहार में कुछ लोकप्रिय कवियों के कालजयी रचनाओं को संग्रहित किया गया है।

काव्य का चयन कविता बहार की टीम के पास ही सर्वाधिकार सुरक्षित है। इस हेतु हमें कोई बाध्य नहीं कर सकता है। हम लगातार कविता बहार में उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं।

आशा है आप हमारे साथ इस यात्रा का आनंद लेंगे और सहयोग प्रदान करेंगे।

MANIBHAI NAVRATNA

मनीभाई नवरत्न ,बसना, छत्तीसगढ़

साप्ताहिक लोकप्रिय रचनाएँ

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता

योग दिवस पर प्रियांशी मिश्रा की कविता योग को अपनाना है।रोगों को दूर भगाना है।बाबाजी का ये कहना है।व्यायाम रोज ही करना है।योग,अध्यात्म है एक विज्ञान ।हजारों बीमारी से करें रोकथाम ।इनसे ही लोगों का कल्याण।बिन योग जीवन है श्मसान ।योग की विशेषता सबको बतानी है,योग से नहीं होनी कोई परेशानी है।योग से ही ना बीपी और ना शुगर ।योग अपना लो करो ना अगर-मगर। …
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पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे)

पिता सदा आदर्श हैं (पिता पर दोहे) ख्याल रखें संतान का, तजकर निज अरमान।खुशियाँ देते हैं पिता, रखतें शिशु का ध्यान। ।१मुखिया बन परिवार का , करतें नेह समान ।पालन पोषण कर पिता , बनते हैं भगवान ।।२जिसकी ऊँगली थामकर , चलना सीखें आज ।मातु–पिता…

जीवन एक संगीत है-आभा सिंह

जीवन एक संगीत है-आभा सिंह जीवन एक संगीत है इसको गुनगुनाइए लाखों उलझनें हो मगर हँसकर सुलझाइए कमल कीचड़ में भी रहकर अपनी सुन्दरता ना खोतागुलाब काँटों में भी रहकर मुस्कुराना ना भूलतादामन से काँटे चुन-चुनकर जीवन को सफल बनाइएजीवन एक संगीत है…

शरणार्थियों का सम्मान

शरणार्थियों का सम्मान होकर मजबूर वो घर- द्वार छोड़ गए, पुराने सुरमई यादों से अपना मुँह मोड़ गए। दहशतगर्दों के साजिश से होकर नाकाम, फिरते इधर- उधर लोग यूं ही करते इनको बदनाम। उम्मीद भरी नैनो से जो देखा सपना, समय की मार से वो कभी न हुआ…

संगीत और जीवन आपस में हैं जुड़ें

संगीत और जीवन आपस में हैं जुड़ें कभी सुनो धड़कन की आवाज।कभी सांसों में ,वो बजता साजजीवन संगीत की मधुर आवाज। कभी अधरों पर आई हंसी हो।कभी बोली मैं आई मिठास हो।सब जीवन संगीत का मधुर राग। कभी शिशु की मधुर किलकारियों में।कभी आंखों से…


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