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अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस (International Olympic Day) पर कविता

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस (International Olympic Day) प्रत्येक वर्ष 23 जून को आयोजित किया जाता है। यह दिन मुख्य रूप से आधुनिक ओलंपिक खेलों के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन खेल से जुड़े स्वास्थ्य और सद्भाव के पहलू को मनाने के…

विश्व वर्षावन दिवस (World Rainforest Day) पर कविता

विश्व वर्षावन दिवस (World Rainforest Day) के अवसर पर कविता में विविधता और सौंदर्य का वर्णन किया जाता है। इसमें वर्षा के मौसम की सुंदरता, उसके साथ आने वाले खुशियों और उत्साह का वर्णन होता है। विश्व वर्षावन दिवस (World Rainforest…

सावन के दोहे/ नरेन्द्र वैष्णव “सक्ती”

नरेंद्र वैष्णव जी का “सावन के दोहे”” काव्य विशेष रूप से उनकी कविताओं में एक प्रमुख पहलू हैं। वे उत्तर भारतीय संस्कृति और भारतीय जीवन-दर्शन को अपनी कविताओं में प्रकट करने वाले प्रमुख कवि रहे हैं। सावन के दोहे/ नरेन्द्र वैष्णव “सक्ती” …

योग दिवस पर 3 कवितायेँ

इन कविताओं में योग के महत्व और उसके द्वारा मिलने वाले शारीरिक और मानसिक लाभों का वर्णन किया गया है। योग को एक सरल और प्रभावी उपाय के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी…

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योग को अपनाना है/ प्रियांशी मिश्रा

“योग को अपनाना है” यह कविता प्रियांशी मिश्रा द्वारा लिखी गई है। इस कविता में वे योग के महत्व को समझाने और इसे अपने जीवन में शामिल करने के प्रेरणात्मक संदेश को व्यक्त करती हैं। योग को एक उपयुक्त तकनीक मानकर उसके लाभों को साझा किया गया है। …

योग भगाये रोग / कंचन कृतिका

कंचन कृतिका की कविता “योग भगाये रोग” योग के शारीरिक और मानसिक लाभों को उजागर करती है। इस कविता में योग के महत्व और उसके द्वारा रोगों के निवारण का वर्णन किया गया है। कवि ने योग को एक चमत्कारी उपाय के रूप में प्रस्तुत किया है, जो न केवल…

सरकारी योग दिवस / विनोद सिल्‍ला

विनोद सिल्ला की कविता “सरकारी योग दिवस” में योग दिवस के औपचारिक और सरकारी रूप को चित्रित किया गया है। कविता के माध्यम से कवि ने योग दिवस के आयोजन की प्रक्रिया, उसकी तैयारियों और इसके सामाजिक-राजनीतिक महत्व को व्यंग्यात्मक और भावनात्मक…

योग से दिन है सुहाना / कवि डिजेंद्र कुर्रे “कोहिनूर”

डिजेंद्र कुर्रे “कोहिनूर” की यह कविता सरल, प्रवाहमयी और प्रेरणादायक भाषा में रची गई है। कविता का उद्देश्य पाठकों को योग के लाभों से अवगत कराना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना है। योग से दिन है सुहाना / कवि…

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हाइकु त्रयी

हाइकु त्रयी hindi haiku || हिंदी हाइकु कोहरा घनाजंगल है दुबका दूर क्षितिज! कोहरा ढांपे न दिखे कुछ पार ओझल ताल हाथ रगड़ कुछ गर्माहट होकांपता हाड़ निमाई प्रधान’क्षितिज’*

बाल मजदूर पर कविता (लावणी छंद मुक्तक)

हर साल 12 जून को विश्व दिवस बाल श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर करने और उनकी मदद के लिए किया जा सकता है, इसके लिए सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों, नागरिक समाज के साथ-साथ दुनिया भर के लाखों लोगों को एक साथ लाता है। बाल मजदूर पर कविता…

योग को अपनाना है/ प्रियांशी मिश्रा

“योग को अपनाना है” यह कविता प्रियांशी मिश्रा द्वारा लिखी गई है। इस कविता में वे योग के महत्व को समझाने और इसे अपने जीवन में शामिल करने के प्रेरणात्मक संदेश को व्यक्त करती हैं। योग को एक उपयुक्त तकनीक मानकर उसके लाभों को साझा किया गया है। …