KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

गगनांगना छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

गगनांगना छंद विधान – 25 मात्रा, 16,9 पर यति, चरणान्त में 212 या गालगा l कुल चार चरण, क्रमागत दो-दो चरण तुकांत lhindi sahityik class || हिंदी साहित्यिक…

रोला छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

रोला छंद विधान – 24 मात्रा, 11,13 पर यति, यति से पहले वाचिक भार 21 या गाल (अपवाद स्वरुप 122 या लगागा भी) और यति के बाद वाचिक भार 12 लगा या 21 गाल l कुल चार…

मनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायें

मनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायेंमनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायेंमनीभाई नवरत्न की हिंदी कवितायेंआसमाँ की हुई जमीं से लड़ाईभारत तुझे तय करना है कहती…

साल आता रहा दिन गुजरता रहा

साल आता रहा दिन गुजरता रहासाल आता रहा दिन गुजरता रहाचाँद लाचार होकर पिघलता रहा।।उनको रोटी मिली ना रही आबरुवो तो रुपये की सूरत बदलता रहा।।दूर मुझसे…

सरसी/कबीर/सुमंदर छंद [सम मात्रिक] कैसे लिखें

सरसी/कबीर/सुमंदर छंद विधान – 27 मात्रा, 16,11 पर यति, चरणान्त में 21 लगा अनिवार्य l कुल चार चरण, क्रमागत दो-दो चरण तुकांत lhindi sahityik class || हिंदी…

गर्मी की छुट्टियां पर बाल कविता

गर्मी की छुट्टियां पर बाल कविता : गर्मी की छुट्टी या गर्मी की छुट्टी स्कूल के वर्षों और स्कूल शैक्षणिक वर्ष के बीच गर्मियों में एक स्कूल की छुट्टी है। छात्र…

तरबूज पर बाल कवितायेँ

तरबूज पर बाल कविता : तरबूज़ ग्रीष्म ऋतु का फल है। यह बाहर से हरे रंग के होते हैं, परन्तु अंदर से लाल और पानी से भरपूर व मीठे होते हैं। इनकी फ़सल आमतौर पर गर्मी…