KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

अंतकाल-मनीभाई नवरत्न

मुझे शिकवा नहीं रहेगी गर तू मुझे छोड़ दे, मेरे अंतकाल में। मुझे खुशी तो जरूर होगी कि हर लम्हा साथ दे , तू मेरे हर हाल में। हां !मैं जन्मदाता हूँ। तेरा…