“वे प्रेम करते हैं—या सीमित?”
प्रेम और रिश्ते, हिंदी कविता“वे प्रेम करते हैं—या सीमित?” अगर तुम्हारा उठनाकिसी को चुभता है,तो पूछो—यह प्रेम हैयाडर? जब तुमऊँचाई की ओर बढ़ते हो,और आसपास के लोगआहत हो जाते हैं—तो सच यह नहींकि तुम गलत हो,सच यह हैकि वे रुकना चाहते हैं। प्रेमकभीजंजीर नहीं डालता। प्रेम कहता है—जाओ,और भी ऊपर जाओ,चाहेमैं पीछे रह जाऊँ। जो तुम्हारे सपनों सेअसुरक्षित हो
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