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छत्तीसगढ़ी रचना

ननपन के सुरता (बाल दिवस विशेष छत्तीसगढ़ी कविता)

ननपन के सुरता (बाल दिवस विशेष) ➖➖➖➖➖➖ रचनाकार-महदीप जंघेल ग्राम-खमतराई,खैरागढ़ जिला- राजनांदगांव(छ.ग) विधा-छत्तीसगढ़ी कविता पहली के बात, मोर मन ल…

प्रशिक्षण लेना हे संगी छत्तीसगढ़ी कविता

मोर ईस्कूल रहे सबले बढ़िया । यहां के लइका रहय सबले अगुआ । तेकर बर टाइम देना हे संगी। प्रशिक्षण लेना हे संगी। प्रशिक्षण में सीख थन खेल खेल म विज्ञान…

तरिया घाट के गोठ- छत्तीसगढ़ी कविता

( यह कविता कुछ ग्रामीण महिलाओं के स्वभाव को दर्शाती है जहाँ उनकी दिखावटीपन, आभूषण प्रियता, बातूनीपन  और  कुछ अनछुए पहलू को बताने की कोशिश की गई है ।)

जड़कल्ला के बेरा -छत्तीसगढ़ी कविता

जड़कल्ला के बेरा -छत्तीसगढ़ी कविता आगे रे दीदी, आगे रे ददा, ऐ दे फेर जड़कल्ला के बेरा।गोरसी म आगी तापो रे भइया , चारोखुँट लगा के घेरा॥ रिंगीचिंगी…

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के..गीत पद्मा साहू “पर्वणी”

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ महतारी मोर, तोर महिमा हे बड़ भारी। गजब होवत हे नवा बिहान, छत्तीसगढ़ के संगवारी। ये भुइयाँ के नाम हे पहिली दक्षिण…