सवाल / मनीभाई नवरत्न
हिंदी कवितासवाल (अतुकांत कविता) सवालवह नहीं जो किताब में छपा हो,सवाल वह हैजो मन में चुभे। सवालवह नहीं जो उत्तर माँगे,सवाल वह हैजो नींद छीन ले। जब बाहर ठीक दिखता हो,और भीतर कुछ ठीक न लगे—वहीं सेसवाल जन्म लेता है। सवालभीड़ से नहीं आता,सवालअकेलेपन मेंखुद से टकराकरउभरता है। जो कहा गया हैउसे मान लेना आसान है,पर“क्यों?” […]
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