KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

जरा हमें बता दो जानेमन -मनीभाई नवरत्न

जब-जब होता है प्रथम मिलन. चित्त विचलित हो जाता सजन . ऐसे में करें क्या हम जतन जरा हमें बता दो जानेमन । तन में जोर नहीं ,विक्षिप्त मन। दिल होता है,…