KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सोरठा छंद [अर्ध सम मात्रिक] कैसे लिखें

सोरठा छंदविधान – 11,13,11,13 मात्रा की चार चरण , सम चरणों के अंत में वाचिक भार 12 (अपवाद स्वरुप 12 2 भी), विषम चरणों के अंत में 21 अनिवार्य, सम चरणों के…

मैं तुझमें हूँ तू मुझमें है- मनीभाई नवरत्न

मैं तुझमें हूँ तू मुझमें है- मनीभाई नवरत्नमैं तुझमें हूँ, तू मुझमें है.तू हर किसी का , तू सबमें हैं.मेरी सांसें चल रही हैक्योंकि तू ही हर कहीं है.…

आम और तरबूजा बाल कविता

आम और तरबूजा बाल कविताकहा आम तरबूजे सेसुन लो मेरी बातफलों का राजा आम मैंतेरी क्या औकातगांव शहर घर-घर में मेरीसबमें है पहचानबड़े शान से बच्चे बूढ़ेकरते…

बहुत छोटे बच्चों के लिए कविता कैसी हो?

छोटे बच्चों के लिए कविताबहुत छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक कविता लिख लेना बड़े बच्चों के लिए कविता लिखने की अपेक्षा कहीं अधिक कठिन है। छोटे बच्चों का…

खरबूज बाल कविता

खरबूज बाल कविताहरे रंग खरबूज के,होते हैं ये गोलकाले-काले बीज भी,लगते हैं अनमोल।।करते हैं ये फायदे,पानी भी भरपूर।खाते सब खरबूज को,पूँजीपति मजदूर।।मीठे…

भूट्टे की भड़ास बाल कविता

बाल कविता भूट्टे की भड़ासएक भूट्टा का मूंछ पका था,दूसरे भूट्टे का बाल काला।डंडा पकड़ के दोनों खड़े थे,रखवाली करता था लाला।।शर्म के मारे दोनों ओढ़े…

नश्वर काया – दूजराम साहू अनन्य

Kavita Bahar || कविता बहारनश्वर काया - दूजराम साहू "अनन्य "कर स्नान सज संवरकर ,पीहर को निकलते देखा ।नूतन वसन किये धारण ,सुमन सना महकते देखा ।कुमकुम…

हसदेव नदी बचाओ अभियान पर कविता- तोषण कुमार चुरेन्द्र “दिनकर “

हसदेव नदी बचाओ अभियान पर कवितारुख राई अउ जंगल झाड़ीबचालव छत्तीसगढ़ के थाती लकोनों बइरी झन चीर सकयहसदेव के छाती लकिसम किसम दवा बूटीइही जंगल ले मिलत…

रसीले आम पर कविता – सन्त राम सलाम

🥭रसीले आम पर कविता🥭रसीले आम का खट्टा मीठा स्वाद,बिना खाए हुए भी मुंह ललचाता है।गरमी के मौसम में अनेकों फल,फिर भी आम मन को लुभाता है।।वृक्ष राज बरगद हुआ…