दुर्गा मैया पर गीत – आषीश कुमार

दुर्गा मैया पर गीततेरे रूप अनेक हैं मैयाहर रूप में हमको भाती होनवरात्रि में नौ दुर्गा रुप मेंहम पर ममता लुटाती होतीनो लोक हैं काँपे तुमसेजब शक्ति रूप धरती होचण्‍ड-मुण्‍ड…

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नन्हीं चिड़िया पर कविता – मीना रानी

नन्हीं चिड़िया पर कवितामाँतेरे आंगन कीमैं एकनन्हीं चिड़ियाखेलती-चहचहातीआंगन मेंसुबह उठते हीकानों मेंरस भरतीफुदकती फिरतीमुझे देखभूल जाती तूंसारे गम जहान केकाम दिन-रात मैं करतीतेरी सेवा मैं करती बदले में कुछ न…

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दीपावली अवसर पर गए जाने वाला सुवा गीतों का संकलन

यहाँ पर दीपावली अवसर पर गए जाने वाला सुवा गीतों का संकलन किया गया है . छत्तीसगढ़ में सुआ गीत प्रमुख लोकप्रिय गीतों में से है। सुआ गीत का अर्थ…

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मित्र और मित्रता पर कविता – बाबूराम सिंह

मित्र और मित्रता पर कविता - बाबूराम सिंह हो दया धर्म जब मित्र में,सुमित्र उसको मानिए।ना मैल हो मन में कभी, कर्मों को नित छानिए।आदर सेवा दे मित्र को,प्यार भी…

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रामधारी सिंह दिनकर जी पर कविता -बाबूराम सिंह

         रामधारी सिंह दिनकर जी        तेईस सितम्बर  सरस,सन उन्नीस सौ आठ।बालक एक जन्म लिया,शुभ सेमरिया घाट।।बेगु   सराय  बिहार  में ,  है  सेमरिया   घाट।होनहार बालक हुआ,मिला न जिनका काट।।मन में…

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दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा

दिनकर.दोहा छंद दिनकर दिनकर से हुए,हिन्दी हिन्द प्रकाश।तेज सूर जैसा रहा, तुलसी सा आभास।।.जन्म सिमरिया में लिये, सबसे बड़े प्रदेश।सूरज सम फैला किरण, छाए भारत देश।।भूषण सा साहित्य ध्रुव, प्रेमचंद्र…

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मानवता पर ग़ज़ल – बाबूराम सिंह

गजल तपस्या तपमें गल कर देखो।सत्य धर्म पर चल कर देखो।।प्रभु भक्ति शुभ नेकी दान में,अपना रूख बदलकर देखो।दीन-दुखीअबला-अनाथ की,पीड़ा बीच पिघल  कर  देखो। सेवा समर्पण  शुभ  कर्मों  में,शुचि संगत…

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नारी की सुन्दरता पर कविता – बाबूलाल शर्मा

सुन्दर नारि कि सुंदर सारीनीति नियामक हाय विधायक,भाग्य कठोर लिखे हित नारी।सत्य सदा दिन रात करे श्रम,वारि भरे घट ले पनिहारी।पंथ चले पद त्राण नहीं पग,कंटक कष्ट हुई पथ हारी।'विज्ञ'…

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तन की माया पर कविता – बाबूराम सिंह

गजल तन की माया पर कविता तनआदमी का जग मेंअनमोल रतन है। बन जायेअति उत्तम बिगड़ा तो पतन है।सौभाग्य से है पाया जाने कब मिले,नर योनी में हीं कटता आवागमन…

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