जन-जन करोड़ों की मधुर मुसकान चाचा नेहरू /सुनील श्रीवास्तव ‘श्री’

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भारत के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चे प्यार से ‘चाचा नेहरू’ भी कहते हैं। जवाहरलाल नेहरू का मानना ​​था कि बच्चे किसी भी समाज की मूल नींव होते हैं, इसलिए उनका पालन-पोषण उपयुक्त वातावरण में किया जाना चाहिए और पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के उपलक्ष्य में हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है।

जन-जन करोड़ों की मधुर मुसकान चाचा नेहरू /सुनील श्रीवास्तव ‘श्री’

बच्चों के चाचा नेहरू इन्सान ही तो थे

जन-जन करोड़ों की मधुर मुसकान भी तो थे

गांधी-टोपी और कोट पहचान थी उनकी

महके हुए गुलाब-सी मुसकान थी उनकी

भारतीय जनतंत्र के प्रथम प्रधान भी तो थे । जन-जन …

दौलत की चकाचौंध से कोसों रहे वो दूर

जन-जन समाज जोड़ने से हो गए मशहूर

गांधी के दाएँ हाथ की कमान भी तो थे । जन-जन ….

शांति के पुकारी औ’ बच्चों के प्यारे थे

लाखों देशवासियों की आँखों के तारे थे

गुटनिरपेक्षता व पंचशील की वे जान भी तो थे । जन-जन …

मोतीलाल के लाल सचमुच थे कमाल

लेखन के क्षेत्र में भी कर दिया धमाल

‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ की शान भी तो थे । जन-जन ….

आजादी की लड़ाई में न इनका जवाब था

शोलों की धधक में भी हिमानी मिजाज था

गाँधी की अहिंसा की पहचान भी तो थे । जन-जन …

जनता को रोजी-रोटी औ’ शिक्षा दिला सके

ये और बात है कि हम तिब्बत ना पा सके

ये देश-दुनिया की उच्च मचान भी तो थे । जन-जन …

हँसमुख स्वरूप उनका क्या भुला सकेंगे हम ?

अफसोस भी तो है उन्हें न पा सकेंगे हम

भगवान् की इच्छा के निगेबहान भी तो थे । जन-जन …

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