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14 नवम्बर बाल दिवस

14 नवम्बर भारत में बाल दिवस, जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन : बच्चों की कविताएँ बाल कविता कहलाती हैं। ये हिंदी में बच्चों के लिए लिखी गई कविताएँ हैं।

मिट्टी जैसा होता है बचपन

मिट्टी जैसा होता है बचपन मिट्टी जैसा होता है बचपनजैसे ढालो ढल जाएकूट-पीट कर जैसा चाहोये वैसा ही उभर आए! जल कर सोना कुंदन होताऐसे ही बचपन कि

हां मैं बच्चा हूं Happy children’s day

🤓🤓🤓🤓🤓🤓🤓🤓🤓 हां मैं बच्चा हूं । अकल का थोड़ा कच्चा हूं। मुझे आता नहीं झूठ बोलना और फरेब करना मैं तो दिल से नेक और सच्चा हूं । हां मैं बच्चा हूं ।…

जब मैं छोटा था

जब मैं छोटा था जब मैं छोटा था तब बहुत मोटा था । तब ना थी चिंता ना जलन ना दर्द । तब थी फटी हुई पेंट और नाक में सर्द । आज फिर उसी पल को पाने की सोचता…

खोया बचपन

खोया बचपन याद करती है मेरी धड़कन । लौटा दे कोई मेरा खोया बचपन। सुहाता नहीं मुझे अबका जीवन। लौटा दे मेरा कोई खोया बचपन । तितली भौरों से थी दोस्ती ।…

ननपन के सुरता (बाल दिवस विशेष छत्तीसगढ़ी कविता)

ननपन के सुरता (बाल दिवस विशेष) ➖➖➖➖➖➖ रचनाकार-महदीप जंघेल ग्राम-खमतराई,खैरागढ़ जिला- राजनांदगांव(छ.ग) विधा-छत्तीसगढ़ी कविता पहली के बात, मोर मन ल…

बच्चे है कल का भविष्य

बच्चे है कल का भविष्य बच्चे होते मन के सच्चे, है भविष्य के तारे, पढ़ते - लिखते - खेलते रहे, बने देश के सितारें | अच्छे -

मां पर आचार्य गोपाल जी के कविता (मातृ दिवस विशेष)

मातृ दिवस पर लिखी कविता माँ को समर्पित बाल कविता 1- वो दिन भी कितने अच्छे थे वो दिन भी कितने अच्छे थे । जब हम सब छोटे बच्चे थे । नित मां की

बचपन से नाता है

बचपन से नाता है नहीं चाहिए, कोई मंहगे खिलौनेना बाजे नगाड़े, ना ही ढोल ताशेअब मन ना लागे टेलीविजन मेंना मोबाइल गेम्स ,ना जीवन में मुझे फिर सहारा दे

बाल कविता:आओं खेलें सब खेल

आओं खेलें सब खेल । बन जाओ सब रेल। छुक छुक करते जाओ । सवारी लेते जाओ । कोई छुट ना जाए । हमसे रूठ ना जाए । सबको ले जाना जरूरी । तय करनी लम्बी दूरी…