भारतीय नौ सेना
सुरक्षित है तुमसे वतन।
विजयी तिरंगा फहराने वाले,
जल सेना तुमको है नमन।
विजय तिरंगा………….
प्रहरी सामुद्रिक सीमा के,
देश की रक्षा तुमसे है।
तोड़ के सारे कुचक्रों को,
हर घर की खुशियाँ तुमसे है।
जल के वीर जवानों सुन लो,
मुस्काता है देश रूपी चमन
विजयी तिरंगा……………
सरहद पर रहने वाले वीर,
जब जब देश में युद्ध छीड़ी।
सागर के थपेड़ो को सहकर,
जल सेना की फौज बढ़ी।
भूख कहाँ और नींद कहाँ,
सबका कर लेते हो दमन।
विजयी तिरंगा…………
दीपावली में खून की होली,
और होली में जीत का दीप।
हर मौसम की वेदना सहते,
वर्षा, गरमी या भीषण शीत।
अभिमान हो तुम भारत का,
गा रहें हैं धरती और गगन।
विजयी तिरंगा…………….
मधु गुप्ता “महक”
