मेरा साथी कौन- दीप्ता नीमा

मेरा साथी कौन- दीप्ता नीमा

एक दिन मुझे भगवान् मिले
मैंने उनसे पूछा कि भगवन्
आप मुझे बताएं कि मेरा साथी कौन?


मैं राही मेरी मंजिल है कौन
मैं पंछी मेरा घोसला है कौन
मैं तूफान मेरा साहिल है कौन
मैं हूँ नाव मेरा नाविक है कौन
मैं इठलाती नदिया मेरा सागर है कौन
मैं वनफूल मेरा वनमाली है कौन
मैं मिट्टी मेरा कुम्हार है कौन
मैं नश्वर शरीर मेरी आत्मा है कौन
मैं लोभी मेरी तृप्ति है कौन
मैं मोह का ताला मेरी कुंजी है कौन
प्रभु मुस्कुराते हुए बोले हे मानव
तेरा सच्चा साथी तेरा सारथी हूँ मैं


तू राही तेरी मंजिल हूँ मैं
तू पंछी तेरा घोसला हूँ मैं
तू तूफान तेरा साहिल हूँ मैं
तू चलती नाव तेरा नाविक हूँ मैं
तू इठलाती नदिया तेरा सागर हूँ मैं
तू वनफूल तेरा वनमाली हूँ मैं
तू है मिट्टी तेरा कुम्हार हूँ मैं
तू नश्वर शरीर तेरी अंतरात्मा हूँ मैं
तू परमलोभी तेरी तृप्ति हूँ मैं
तू मोह में फंसा ताला तेरी कुंजी हूँ मैं
तेरा सच्चा साथी तेरा सारथी हूँ मैं ।।


दीप्ता नीमा
इंदौर (मध्य प्रदेश)

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