प्रकृति पर दोहे/रेखराम साहू

प्रकृति पर दोहे/रेखराम साहू प्रकृतिजन्य जीवन सभी,रहे नित्य यह ज्ञान।घातक जो इनके लिए, त्याज्य सभी विज्ञान।। प्रकृति बिना जीवन नहीं,प्रकृति प्राण आधार।जीवन और प्रकृति बिना,धन-पद सब निस्सार।। जीवन पोषक हों सभी, धर्म-कर्म के कोष।धर्म-कर्म परखे बिना, दुर्लभ है संतोष।। देश-काल संदर्भ में, हितकारी व्यवहार।मानक धर्मों का यही,करे विश्व स्वीकार।। हर युग के इतिहास में, निहित … Read more

कवि / कविता पर कविता/ राजकुमार ‘मसखरे

कवि / कविता पर कविता/ राजकुमार ‘मसखरे आज़कल  कवि  होते नही हैंवे सीधे ही  कवि बन जाते हैं,कुछ लिखने व मंथन से पहलेकोई  नकली  ‘नाम’ जमाते हैं ! यही कोई ‘उपनाम’ लिख करफिर नाम  मे ‘कवि’  लगाते हैं,दो,चार रचना क्या लिख डाले‘भाँटा-मुरई’ को सही बताते हैं ! ‘पताल चटनी’ लिख- लिख करये समृद्ध साहित्यकार कहाते … Read more

जब भी दीप जलाना साथी/ हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश

जब भी दीप जलाना साथी जब भी दीप जलाना साथी,उर के तमस मिटाना साथी।1। भेद-भाव सब भूल प्यार से,सबको गले लगाना साथी।2। दो दिन का यह मेला जीवन,हॅसना साथ हॅसाना साथी।3। महल-दुमहले और झोपड़ी,सबको खूब सजाना साथी।4। घर-आंगन खलिहान हमारे,दीप-ज्योति बिखराना साथी।5। वीर-शहीदों की सुधियों में,मन्दिर दीप सजाना साथी।6। धर्म सनातन को पहचानो,संस्कार अपनाना साथी।7। … Read more

दीपावली मुबारक /शिवराज सिंह चौहान

दीपावली मुबारक सबको  बारम्बार  मुबारक।दीपावली त्यौहार मुबारक।।🪔मेरे राम पधारे जब अयोध्या,उस दिन की यादगार मुबारक।🪔तिमिर भगाए जो जीवन का,खुशियों का उजियार मुबारक।🪔इक दूजे को जो करते रोशन,दीपों की वो कतार मुबारक।🪔बम्ब, पटाखे, फूल-झड़ी  संग,चकरी, राकेट, अनार मुबारक।🪔कर महा लक्ष्मी पूजन, वंदन,धन, दौलत अम्बार मुबारक।🪔‘शिव’ की मंगल कामना वाला प्यार  भरा  उपहार  मुबारक। दीपावली की शुभ … Read more

गोवर्धन पूजा /  डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा

गोवर्धन पूजा मात देवकी लाल की, लीला है अनमोल।बचपन से मोहित किए, उनकी मीठी बोल।। राधे के प्रियतम हुए , मीरा के हैं नाथ।ग्वाल बाल के बन सखा, देते भक्तों साथ।। मात पिता रक्षक बने, वासुदेव के लाल।दुष्ट कंस संहार कर, बने भक्त प्रतिपाल।। सेवक बनके गाय का, रूप धरे प्रभु ग्वाल।गोवर्धन पर्वत उठा, काट … Read more