छत्तीसगढ़ परिचय (दोहा छंद )/ वेदकांति रात्रे “देविका”

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छत्तीसगढ़ कविता
छत्तीसगढ़ कविता

छत्तीसगढ़ परिचय (दोहा छंद )

नामकरण पर राज्य के, मत हैं विविध प्रकार।
चेदिसगढ़ था नाम शुभ , हीरा के अनुसार।।

रहते थे छत्तीस कुल , जरासंध के काल ।
नामकरण पर राज्य के , कहे वेगलर हाल ।।

चेदी जनपद काल में, चेदिसगढ़ सुखधाम।
चेदिसगढ़ से है बना, इस प्रदेश का नाम ।।

सम्बंधित रचनाएँ

शासक थे जो कल्चुरी ,किए किला निर्माण।
संख्या में छत्तीस थे , मिलते चिस्म प्रमाण।।

ठाकुर प्यारेलाल थे ,शंकर पवन बघेल।
अथक मेहनत से बना, पावन राज्य सुवेल।।

एक नवंबर सौम्य तिथि,दो हजार था वर्ष।
राज्य बना छत्तीसगढ़, मना रहें सब हर्ष।।
7.राज्य बना छब्बीसवाँ, मिली नई पहचान।
अपने भारत देश में, नौवाँ है शुभ स्थान।।

नया रायपुर राज्य में, शासन का आवास।
प्रशासनिक है केंद्र ये,सुंदर है विन्यास।।

सप्तम राज्यों से घिरा, सीमा सुखद महान।
मनमोहक आकार है, सागर अश्व समान।।

मुख्य बना आधार है, कागज का व्यवसाय।
मूल्यवान वन संपदा, होती इससे आय।।

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