June 2019

सीमा पर है जो खड़ा

हिंदी कविता

सीमा पर है जो खड़ा                           सीमा पर है जो खड़ा ,                          अपना सीना तान ।उसके ही परित्याग से ,                         रक्षित  हिंदुस्तान ।।रक्षित    हिंदुस्तान ,                   याद कर सब कुरबानी ।करे शीश का दान ,                    हिंद का अद्भुत दानी ।।कह ननकी कवि तुच्छ ,                    कहें सब अर्जुन भीमा ।पराक्रमी शूर  शौर्य ,                नहीं जिसकी बल सीमा […]

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कर्म देवता

हिंदी कविता

इस कविता के प्रत्येक चरण में 16 मात्रा वाले छंद का प्रयोग किया गया है:- मानव जीवन ईश्वर का रहस्यमय वरदान है।आज के मानव का एकमात्र उद्देश्य अति धन-संग्रह है,जिसके लिए वे अपनों का भी खून बहाने से नहीं हिचकते।वे भूल गए हैं कि जीवन क्षणिक है।मृत्यु पश्चात बेईमानी से संचित उस धन से,रिस्ते-नातों से

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शपथ उठाती हूं मैं भारत की बेटी

हिंदी कविता

शपथ उठाती हूं मैं भारत की बेटी शपथ उठाती हूं मैं भारत की बेटीमैं कभी भी  सर नहीं झुकाऊंगीलाख कर लो तुम भ्रूण की हत्याफिर भी जन्म मै लेती ही जाऊंगी। कब तक तुम मुझको मारते रहोगेकभी तो तुम्हें मुझपे तरस आएगीफिर भी अगर नहीं सुधरोगे अगरसोचो बेटों की बारात कहां जाएगी। कर लो तुम

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कोठी तो बढ़हर के छलकत ले भरगे

हिंदी कविता

कोठी तो बढ़हर के छलकत ले भरगे कोठी तो बढ़हर के* छलकत ले भरगे।बइमानी के पेंड़ धरे पुरखा हा तरगे॥अंतस हा रोथे संशो मा रात दिन।गरीब के आँसू हा टप-टप ले* ढरगे॥सुख के सपुना अउ आस ओखर मन के।बिपत के आगी मा सब्बो* हा  जरगे॥सुरता के रुखवा हा चढ़े अगास मा।वाह रे वा किस्मत! पाना

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कहें सच अभी वो जमाना नहीं है

हिंदी कविता

कहें सच अभी वो जमाना नहीं है कहें सच अभी वो जमाना नहीं है।यहाँ सच किसी को पचाना नहीं है॥मिले जो अगर यूँ किसी को अँगाकर। खिला दो उसे तो पकाना नहीं है॥लगे लूटने सब निठल्ले यहाँ पर।उन्हें तो कमाना धमाना नहीं है॥मुसीबत अगर आ गई तो फँसोगे। यहाँ बच सको वो बहाना नहीं है॥पसीना बहाया यहाँ

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बाते सोलह आने सच है

हिंदी कविता

बाते सोलह आने सच है पानी के लिए कुँएँ बावली नल में होता है खूब जमावमहाराष्ट्र में लगा था धारा 144 देख कर भीड़ में टकराव पानी के स्रोतों के पास समूह नहीं हो सकते थे खड़ेजल संकट से जूझ रहे हैं धीरे धीरे राज्य छोटे बड़े आगे चल कर के पानी के लिए छिड़

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