रावण दहन पर कविता

Jai Sri Ram kavitabahar

दशहरा (विजयादशमी व आयुध-पूजाहिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है 

रावण दहन पर कविता

shri ram hindi poem.j
ravan-dahan-dashara

हम रावण को आज जलाने चले हैं।
उस के मौत का जश्न मनाने चले हैं।।

एक रावण अंदर मेरे भी पल है रहा,
और खुद को श्री राम बताने चले हैं।।

करते हरण हम रोज एक सीता को,
और घर में राम मंदिर बनाने चले हैं।।

निर्बल,असहाय पर जो करते है प्रहार,
परिचय वीरता का वे दिखाने चले हैं।।

करते ढोंग बाबा के वेश में रात दिन,
वो अब राम रहीम कहलाने चले हैं।।

राम का नाम बदनाम कर रखे हमने,
और खुद को राम भक्त बताने चले हैं।।

राजपाठ का लालच कूट कूटकर भरा,
और हम आज रामराज बनाने चले हैं।।

©धनेश्वर पटेल
रायगढ़ (छ. ग)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top