गणेश स्तुति गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ-बोधन राम निषादराज

गणेश स्तुति जय गणेश गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ।आवँव तोर दुवारी मँय तो, झोली मोर भरौ।।1।। दीन-हीन लइका मँय देवा,आ के दुःख हरौ।मँय अज्ञानी दुनिया में हँव,मन मा ज्ञान भरौ।।2।। गिरिजा नन्दन हे गण राजा, लाड़ू हाथ धरौ।लम्बोदर अब हाथ बढ़ाओ,किरपा आज करौ।।3।। शिव शंकर के सुग्घर ललना,सबके ख्याल करौ।ज्ञानवान तँय सबले जादा,जग में ज्ञान भरौ।।4।। […]

गणेश स्तुति

ganesh chaturthi
गणेश चतुर्थी विशेषांक

जय गणेश गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ।
आवँव तोर दुवारी मँय तो, झोली मोर भरौ।।1।।

दीन-हीन लइका मँय देवा,आ के दुःख हरौ।
मँय अज्ञानी दुनिया में हँव,मन मा ज्ञान भरौ।।2।।

गिरिजा नन्दन हे गण राजा, लाड़ू हाथ धरौ।
लम्बोदर अब हाथ बढ़ाओ,किरपा आज करौ।।3।।

शिव शंकर के सुग्घर ललना,सबके ख्याल करौ।
ज्ञानवान तँय सबले जादा,जग में ज्ञान भरौ।।4।।

जगमग तोर दुवारी चमके,स्वामी चरन परौं।
एक दंत स्वामी हे प्रभु जी,तोरे बिनय करौं।।5।।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
छंदकार:-
बोधन राम निषादराज”विनायक”
सहसपुर लोहारा,जिला-कबीरधाम(छ.ग.)

📢 शेयर करें

🔵 Facebook 🔐 Login करें

✨ कवि परिचय

कविता बहार

संचालक , वेबसाईट

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0 thoughts on “गणेश स्तुति गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ-बोधन राम निषादराज”

  1. बोधन राम निषाद राज "विनायक"

    बहुत सुन्दर सर जी

Scroll to Top