फरवरी माह पर दोहे
माह फरवरी शीत में, पछुआ मंद बयार।
बासंती मौसम हुआ, करे मधुप गुंजार।।
माह फरवरी जन्म का, वेलेन्टाइन संत।
प्रेम पगा संसार हो, प्रीत रीत का पंत।।
भारत में उत्सव मनें, फाग बसन्ती गीत।
माह फरवरी में चले, प्राकृत पतझड़ रीत।।
काम देव के बाण से, पीड़ित सभी सजीव।
फागुन संगत फरवरी, सबके चाहत पीव।।
महिना आए फरवरी, फसलें बौर निरोग।
जीव जगत चाहे सभी, प्रिय मिलन संयोग।।
बाबू लाल शर्मा “बौहरा”
सिकंदरा,दौसा,राजस्थान
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5 दोहों से फरवरी माह का संपूर्ण चित्रण
कविता बहार कविताओ की बहार लाती है बहुत ही उम्दा कार्य कर रहे हैं हार्दिक बधाई