कवि पर कविता

कवि पर कविता

kalam

साहित्य के चूल्हे पर
शब्दों का तवा चढ़ा
वैचारिकता की लकड़ी में
भावनाओं की आग जलाकर
कलम की चिमटी से
मैं कविताओं की रोटियां सेंकता हूँ
हाँ! मैं कवि हूँ।

©तिलसमानी_KYS

बहार
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