सुप्रभात वंदन -नमन वंदन वीणावादनीBy कविता बहार / हिंदी कविता सुप्रभात वंदन -नमन वंदन वीणावादनी नमन वंदन वीणावादनी, सुर नर मुनि जन पूजे ज्ञानी। वाणी में विराजती माता, माँ शारदे बड़ी वरदानी।। राह सच जो चलता हमेशा, ज्ञान मातु नित नित वह पाया। मिले नित साहस लेखनी को, मातु शरण मैं तेरे आया।। …….भुवन बिष्ट📢 इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें: 📲 WhatsApp ✈ Telegram 📘 Facebook Related Posts हिन्दी हमारी शान हिन्दी हमारी शान – भुवन बिष्ट मानवता पर कविता -भुवन बिष्ट नववर्ष पर हिंदी कविता माता शारदे वंदन जय जय वीणाधारीLeave a CommentYour email address will not be published. Required fields are marked *Type here.. Name* Email* Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.