30 अक्टूबर विश्व बचत दिवस

हरिश्चंद्र त्रिपाठी ‘हरीश ‘ के द्वारा रचित पैसों की बचत पर बेहतरीन दोहे

पढ़ लिख कर हम योग्य बन, करें कमाई नेक,अपनों से ऊपर उठ सोचें,परहित धर्म अनेक। 1।जितनी होती दक्षता, उतना मिलता लाभ, नहीं मिले अतिरिक्त कुछ, मीत सुनो तुम साफ। 2।अपनी आय…

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विश्व बचत दिवस: मितव्ययता का महत्व बताती वर्षा जैन “प्रखर” की यह शानदार कविता, आप जरूर पढ़िये

*विश्व बचत दिवस* **********************खुशियाँ मोहताज नहीं पैसों कीयह तो सत्य है मेरे भाई। फिर भी मुस्कान नहीं होठों परजब तक हाथ में ना हो पाई। फिजूलखर्ची से बचो ही हरदमखर्च करो तुम…

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आड़े वक्त में पैसों की उपयोगिता बताती हुई रजनी श्री यह कविता (विश्व बचत दिवस)

*विश्व बचत दिवस विशेष कविता* पैसों का जब पेड़ नही तोपैसे क्योँ लुटाए हम,क्योँ न जितनी चादर हो,उतने पैर पसारे हम।पैसे बनते है कागज़ से,ये तो सबका भ्रम है रहा।इसके…

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30 अक्टूबर विश्व बचत दिवस : पैसों की बचत के महत्व पर कुमार जितेन्द्र की कविता

पैसों की बचत के,महत्व को समझाना lमनुष्य के अनमोल,जीवन को बचाना llरोजगार के अवसरों की, कम होती संख्या lतीव्रता से बढ़ रही है, बेरोजगारों की संख्या ll आज युवा बन रहे…

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विश्व बचत दिवस: “मितव्ययता कंजूसी नही,समझ लो सब ये बात।”इस भाव को बताती विजिया गुप्ता समिधा की बेहतरीन कविता

*पैसों की बचत*  पैसे की है बचत जरूरी,सुन लो सब यह बात।पहले थी जो,भाग व्यवस्था,वह इसका प्रतिसाद।एक रुपये यदि,अपनी कमाई,चार भाग हो जाते थे।पहला बुजुर्ग,दूजा दान,तीसरा हिस्सा था वर्तमान,चौथा हिस्सा…

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