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@आश्विन कृष्ण सप्तमी महालक्ष्मी व्रत पर हिंदी कविता

आश्विन कृष्ण सप्तमी महालक्ष्मी व्रत: धन की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हिन्दू धर्मशास्त्रों में मंत्रों का जाप करने का विधान बताया गया है. माता के अलग-अलग मंत्रों के जाप से आर्थिक प्राप्तियां होती हैं और माता की अखंड कृपा से सभी कार्य सफलता पूर्वक सम्पन्न होते हैं.

लक्ष्मी माता की आरती

लक्ष्मी माता की आरती ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता॥ ॐ जय… उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय… तुम पाताल-निरंजनि, सुख-सम्पत्ति-दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि-धन पाता॥ ॐ जय… तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की…
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माँ लक्ष्मी वंदना-डॉ.सुचिता अग्रवाल”सुचिसंदीप”

माँ लक्ष्मी वंदना चाँदी जैसी चमके काया, रूप निराला सोने सा।धन की देवी माँ लक्ष्मी का, ताज चमकता हीरे सा। जिस प्राणी पर कृपा बरसती, वैभव जीवन में पाये।तर जाते जो भजते माँ को, सुख समृद्धि घर पर आये। पावन यह उत्सव दीपों का,करते ध्यान सदा तेरा।धनतेरस से पूजा करके, सब चाहे तेरा डेरा। जगमग जब दीवाली आये,जीवन को चहकाती है।माँ लक्ष्मी के…
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