#दीपा कुशवाहा

यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर०दीपा कुशवाहा के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

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आओ खेल खेलें- दीपा कुशवाहा

“आओ खेल खेलें” एक कदम बढ़ाओ जोश दिखाओछुपे अपने प्रतिभाओं को होश में लाओजिम्मेदारियों की चादर में ढक गईअपनी खेल जिज्ञासा को जगाओमजबूती की ढाल पकड़कर तुमनई उम्मीदों को सजाओभूले बिसरे दोस्तों को बुलाओजिंदगी में थोड़ा आनंद लाओपरिवार के साथ मिलकर भीचलो थोड़ा खेल को सजाओंविलय होते बीमारियों से अनमोल जीवन को बचाओबचपन को याद …

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भगत सिंह की याद में - कविता बहार - हिंदी कविता संग्रह

भगत सिंह की याद में

भगत सिंह की याद में टपक टपक के आंसुओं का दरिया बन गयासितम गम का, समा भी गमगीन हो गया। खामोशी बिखरी ,मुर्दों पर ढकी कफ़न लिएपर कदम ना थके ना हिम्मत हारी वतन के लिए। बढ़ते चले ,इंकलाब कहते चले ,अंग्रेजो की बर्बादी लिएभारत भूमि में जन्मे, भगत सिंह दुश्मनों से हमें बचाने के …

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