यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर० काजल शाह के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

beti mahila
बेटी की व्यथा

नारी हूं या कठपुतली – काजल साह

नारी हूं या कठपुतली क्या अस्तित्व है मेराकोई बताओ ना मुझे?नारी हूं या कठपुतलीकोई समझाओ ना मुझे? कोशिश करते हो हरदममुझे नीचे गिराने के लिए।वस्त्र फाड़ देते हो सरेआममुझे नीचे…

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