कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा भाई दूज

भाईदूज विशेष: एक सैनिक की भाई दूज जब वह बहन के पास नहीं आ पाता तो अपनी बहन के पास ये पैगाम भेजता है जिसे कवयित्री अनिता मंदिलवार सपना ने कविता के माध्यम से व्यक्त की है

*भाई दूज* मैं डटा हूँ सीमा पर बनकर पहरेदार कैसे आऊँ प्यारी बहना मनाने त्यौहार याद आ रहा है बचपन परिवार का अपनापन दीपों का वो उत्सव मनाते थे शानदार…

टिप्पणी बन्द भाईदूज विशेष: एक सैनिक की भाई दूज जब वह बहन के पास नहीं आ पाता तो अपनी बहन के पास ये पैगाम भेजता है जिसे कवयित्री अनिता मंदिलवार सपना ने कविता के माध्यम से व्यक्त की है में

छत्तीसगढ़िया कवि दूजराम साहू के द्वारा रचित “पांच दिन बर आये देवारी” आप सबका मन मोह लेगी, इस कविता का आनंद लीजिये।

पांच दिन बर आये देवारी_________________________    माटी के सब दीया बारबो         एसो के देवारी म।     जुरमील सब खुशी मनाबो          एसो के देवारी म।।  …

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