माघ भीष्म अष्टमी पूजा : माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भीष्म अष्टमी कहते हैं। इस तिथि पर व्रत करने का विशेष महत्व है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्यागे थे। इस दिन प्रत्येक हिंदू को भीष्म पितामह के निमित्त कुश, तिल व जल लेकर तर्पण करना चाहिए।

HINDI KAVITA || हिंदी कविता
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भीष्म की विवशता

भीष्म की विवशता ****************कौरव और पांडव के पितामह,सत्य न्याय के पारखी !चिरकुमार भीष्म ,क्या कर गये यह?दुष्ट आततायी दूर्योधन के लिए ,सिद्धांतों से कर ली सुलह!योग्य लोकप्रिय सदाचारी से ,छुड़ा…

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