19 नवंबर रानी लक्ष्मीबाई जयंती

दीप शिखा- ( ताटंक छंद विधान )

दीप शिखा- ( ताटंक छंद विधान ) ताटंक छंद विधान- १६,१४, मात्रिक छंद,चरणांत में, तीन गुरु (२२२) अनिवार्य है। दो, दो चरण समतुकांत हो। चार चरण का एक छंद होता है। सुनो बेटियों जीना है तो,शान सहित,मरना सीखो।चाहे, दीपशिखा बन जाओ,समय चाल पढ़ना सीखो। रानी लक्ष्मी दीप शिखा थी,तब वह राज फिरंगी था।दुश्मन पर भारी …

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Rani-Laxmi-Bai-of-Jhansi

मणिकर्णिका-झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर कविता

मणिकर्णिका-झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर कविता अंग्रेजों को याद दिला दी, जिसने उनकी नानी।मर्दानी, हिंदुस्तानी थी, वो झांसी की रानी।। अट्ठारह सौ अट्ठाइस में, उन्नीस नवंबर दिन था।वाराणसी हुई वारे न्यारे, हर सपना मुमकिन था।।नन्हीं कोंपल आज खिली थी, लिखने नई कहानी… “मोरोपंत” घर बेटी जन्मी, मात “भगीरथी बाई”।“मणिकर्णिका” नामकरण, “मनु” लाड कहलाई।।घुड़सवारी, रणक्रीडा, कौशल, …

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