KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

वृन्दा पंचभाई की हाइकु

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वृन्दा पंचभाई की हाइकु

छलक आते
गम और खुशी में
मोती से आँसू।

लाख छिपाए
कह देते है आँसू
मन की बात।

बहते आँसू
धो ही देते मन के
गिले शिकवे।

वृन्दा पंचभाई

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