KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मेरा जो सनम है बड़ा बेरहम है।

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मेरा जो सनम है बड़ा बेरहम है

मेरा जो सनम है ,बड़ा बेरहम है।
सब कुछ लुटाया मैंने; फिर भी कम है ।

मेरा जो सनम है ,तोड़े हर कसम है ।
प्यार में छोड़ गया वो, फिर काहे दम है ।
तेरे लिए शाम भी मेरे यार ।
तेरे लिए जान भी मेरे यार ।
झूठ है ,मत खा ऐसे कसम ,
समझ लिया मैंने तेरा प्यार ।।
तुझे हुआ है धोखा ,तूने है जो सोचा ,सब भरम है ।
डेट की बातें करके ,हमको वेट कराते हो ।
ऐसे कोई शाम नहीं जो ना लेट आते हो ।।
तेरे लिए हर पल, तेरा है हर कल ,
फिर यह मत बोलना ,इतना क्यों कमाते हो?
तेरे संग रहूं ,तुमसे यह कहूं, आंखें जो तेरी नम है ।।
छोड़ो मुझे तुम ,बेहाल रहने दो ।
आंखें जो तरसे थे इनको बहने दो ।
तेरे लिए हो आंसू ,मेरे लिए ये मोती ।
फकीर ना हो जाऊं हम को ये चुनने दो।
तेरे इन्हीं बातों पे, इन्ही ख्यालातों पे
आए तेरे गली ,मेरे कदम हैं।

-मनीभाई नवरत्न

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