हाइकु छंद.,..300

1 45

हाइकु छंद.. ३००
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ*
🦚 *हाइकु……१००* 🦚
. प्रथम शतक
. °°°°°°°°
१.
खेत में डेरा
हाथ में मोटी रोटी
दूध की डोली

तेल बिनौरी
सिर पर छबड़ी
गीत गुंजन

होली के रंग
चौपाल पर ताश
चंग पे भंग
४.
नीम का पेड़
वानर अठखेली
दंत निंबोली

सम्राट यंत्र
धूप घड़ी देखता
विद्यार्थी दल

संग्रहालय
कांँच बाँक्स में ‘ममी’
उत्सुक छात्रा

गुलाब बाग
पैंथर पिँजरे में
कूदे वानर

मोती मंगरी
तोप पे लेते सेल्फी
सैलानी बाला

विजय स्तंभ
सैलानी लेते फोटो
पद्मिनी ताल
१०.
पुष्कर मेला
बैलगाड़ी में बैठे
विदेशी बाला
११
आना सागर
कीकर छाँव बैठा
रेत पे मृग
१२
सिंधु का तट
कछुए और अण्डे
मछली गंध
१३
रामनवमी
श्रम में पसीजता
भीगा किसान
१४
शीतलाष्टमी
पीपल पीले पात
पूरी पक्वान्न
१५
चैत्र की अमा
दूल्हे जैसी पोषाक
सजी बालिका
१६
गौरी पूजन
गौ के चारे में दूब
नचे बालिका
१७
चैत्र अष्टमी
थाली में पुए खीर
पानी का झारा
१८
रणथम्भौर
शिला पे अश्व खुर
बाघ विहार
१९
आम्रमंजरी
बालकों की पंगत
झड़ी कैरियाँ
२०
लौकी रायता
छप्पर पर बाँस
प्याले में दही
२१
रसमलाई
गौशाला में टंकियाँ
चीनी का डिब्बा
२२
खीर जलेबी
रावण का पुतला
कन्या पूजन
२३
बैंगन भुर्ता
दादी के हाथ मिर्च
सिल पे बट्टा
२४
पुस्तकालय
ढाबे पर विद्यार्थी
हाथ में चाय
२५
आलू टिकिया
तवे पर पराँठा
भीड़ में बाला
२६
ग्रीष्म भोर
बाला के हाथ रोटी
दही की प्याली
२७
सावन वर्षा
देश भक्ति संगीत
ध्वज सलामी
२८
शीत लहर
शाला में छात्रा नृत्य
तिरंगा लहरे
२९
बथुआ भाजी
दही भरा कटोरा
सेंकते जीरा
३०
मेथी के लड्डू
छाछ को बिलोती माँ
गोद मे शिशु
३१
मक्का का खेत
छूँछे में पिरो पंख
उछले बाला
३२
सूर्य ग्रहण
छत पे काले चश्मे
शोधार्थी छात्र
३३
शुक्ल यामिनी
माँ बेटी छत पर
रचे मेंहदी
३४
आकाश गंगा
माता दिखाए ग्लोब
महासागर
३५
ग्राम्य सड़क
गठरी लिए वृद्धा
गोद में शिशु
३६
चिकित्सालय
कमरे में कंकाल
खाँसती कुर्सी
३७
श्मशान घाट
वर्षा में रोपे वृद्ध
वट का पौधा
३८
करवा चौथ
चक्र पे गीली मिट्टी
हाथ में धागा
३९
संध्या लालिमा
बगीचे में किशोर
हाथ में पव्वा
४०
अनाज मंडी
गाये बैलगाड़ियाँ
भीगे अनाज
४१
चैत्र की भोर
लोटे में दूर्वा फूल
कोमल हाथ
४२
जन्म दिवस
शीश पटल पर
चल संदेश
४३
चैत्र की भोर
कागले उड़ा रही
नवयौवना
४४
चैत्र की दूज
स्त्री के हाथ में थाली
रोली चावल
४५
आँख में आँसू
शहीद की प्रतिमा
हाथ मे राखी
४६
होलिका साँझ
जलती आग पर
फूलों का हार
४७
अल्फ्रैड पार्क
मूछों पर ऐंठन
यज्ञोपवीत
४८
महासागर
ग्लोब पर श्री लंका
नीली सतह
४९
छाछ राबड़ी
चुनरी पे जौं सूखे
छाछ करे माँ
५०
नीम की छाल
शिशु के फुंसी पर
निमोली आम्र
५१
आँक का दूध
रूई से भरे डोडे
ऊँट का भोज
५२
धतूरा बीज
शिव पिण्डी पे भोग
बाँधते पत्ते
५३
मतीरा क्यारी
मेड पे बैठी वृद्धा
बीज से गिरी
५४
कार्तिक संध्या
खेत में दौड़े चूहे
बाज झपट्टा
५५
आश्विन भोर
नीलकण्ठ दर्शन
चारे के ढेर
५६
खेत में डेरा
गले लटकी बाल्टी
ऊँटनी दुग्ध
५७
आश्विन भोर
खेत में बाल श्रम
मयूर पिच्छी
५८
दीपयामिनी
बालिका लिए दीप
नई चूनर
५९
अमरबेल
शरणार्थी शिविर
आटे के बोरे
६०
चैत्र की भोर
शंखपुष्पी पंचांग
दूध में लस्सी
६१
चैत्र यामिनी
वट में मधु बाल्टी
हाथ में धुआँ
६२
जैवन्ती लता
पत्ते पर सुपारी
सौंफ सुगंध
६३
भोर का तारा
गृहिणी को देखती
रंभाए गाय
६४
मूँगफल्लियाँ
भट्टी पर कड़ाही
फैले छिलके
६५
बास्ता की गंध
बाँस के झुरमुट
खिले कलियाँ
६६
कुहासा भोर
खेत में नीलगाय
भिड़े वाहन
६७.
रंग पंचमी
बाला के हाथ पैर
सजे मेंहदी
६८.
पहाड़ी गाँव
किसानों के समूह
लकड़बग्घा
६९.
ज्येष्ठ की भोर
बोनसाई में आम
शांत कूलर
७०.
शीशम छाँव
वृद्ध के कंधे शिशु
चौकी पे हाँडी
७१.
गोंद के लड्डू
चौके में माँ के साथ
भाई बहिन
७२.
कुंभलगढ़
मास्क पहने खड़े
रिक्शा चालक
७३.
विद्युत तार
कबूतर पंक्तियाँ
उल्लू का स्वर
७४.
अक्षय तीज
हुआ घूमर नृत्य
चाक पूजन
७५.
देवउठनी
दीपक पर थाली
कजरी आँखे
७६.
गंगा दशमी
माँ बेटी को चूनर
कलंगी साफे
७७.
गेंहूँ का खेत
झोपड़ी में बालिका
रस्सी पटली
७८.
नकाब पोश
कोरोनो रोग जाँच
सहमे लोग
७९.
नँगाड़ा ध्वनि
फाग मे ओलावृष्टि
आँखों में जल
८०
फागुनी भोर
ओस में भीगी कली
मोर कोयल
८१
फाग के रंग
बाला के हाथ थाली
रोटी पे ओले
८२
छान का घर
ओलों से वृद्धा बची
थाली की ओट
८३.
गाड़ी में घर
चूल्हे में वर्षा जल
घन का स्वर
८४.
साँभर झील
टोंटी पर मवेशी
नमक चूरा
८५.
चाँदनी रात
बबूल पे मोरनी
ताके तेंदुआ
८६.
जीवन बीमा
बाँस की झोंपड़ियाँ
वृद्धा की हँसी
८७
मुख पे मास्क
गहनों के विक्रेता
आँखों में नीर
८८.
नारी दिवस
चूल्हा फूँकती बाला
आँखों में डोरे
८९
नारी दिवस
बस में भरी भीड़
नवीन वस्त्र
९०
नारी दिवस
पुल का उद्घाटन
पिलाये नीर
९१.
नारी दिवस
दूध दुहती वृद्धा
पीठ पे शिशु
९२.
नारी दिवस
गार्गी सम्मान पत्र
मंच पे बेटी
९३.
अर्द्धयामिनी
पथ में काला घट
चौमुखा दीप
९४.
बाल दिवस
लिये दीये की तुला
सुने भाषण
९५.
करील गंध
रसोईघर में माँ
बरनी में तेल
९६.
ईख का रस
नींबू तोड़े बालिका
घूमे चरखी
९७.
धूप दशमी
घी मरा मर्तबान
प्रेम सुगंध
९८.
चैत्र की भोर
कन्या के भाल टीका
झारे में दूर्वा
९९.
फाग पूर्णिमा
बालिका के मेंहदी
खील बतासे
१००
होली का डाँडा
झूमें पकी सरसों
खड़ा बिझूका
. °°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा,बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,३०३३२६
जिला-दौसा (राजस्थान)
मो.नं. ९७८२९२४४७९
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ*
🦚 *हाइकु…१००* 🦚
. द्वितीय शतक
१.
सत्ता का पेड़
काग बनाए नीड़
कोयल चूजे
२.
फाल्गुन संध्या
बूँटे लिए बालिका
जमी चौपाल
३.
नदी का घाट
स्नान भीड़ में वृद्ध
पोटली भय
४.
जल की प्याऊ
सिर पर पोटली
प्यासी बुढ़िया
५.
विवाहोत्सव
चौपाल में मध्यस्थ
सिर पे बागा
६.
नीम की छाँव
बुढ़िया चारपाई
पड़े बताशे

शहरी पथ
नग्न है फुटपाथ
वस्त्रों में श्वान
८.
चाँदनी रात
बाराती की आतिश
छान में आग
९.
छान का घर
रखे बया ने अण्डे
गिलहरियाँ
१०.
अभयारण्य
छटपटाए मृग
बाघ की मूर्ति
११.
बसंत मेघ
ढोल बजाए ओला
टीन छप्पर
१२.
गृह वाटिका
पेड़ के बँधी डोरी
सूनी कलाई
१३.
कार्तिक भोर
धेनु,वत्स को दाना
झाँकती बाला
१४.
गोप अष्टमी
सड़क पर गाय
हाथ में थाल
१५.
रक्षाबंधन
कुश लिए देहाती
जल अंजुलि
१६
खजूर पेड़
झाड़न के तिनके
बया का जोड़ा
१७.
फाग पूनम
झुलसे बाला हाथ
जौ की बालियाँ
१८.
गोधूलि वेला
धागे में फँसा शुक
उड़ान पथ
१९.
फाल्गुनी संध्या
हरे चने लिए बच्चे
किसान हँसा
२०.
कच्ची सड़क
ठंठा नीर पिलाए
भूखी बुढ़िया
२१.
खेल मैदान
टिटहरी के अण्डे
दौड़ी छात्राएँ
२२.
गेहूँ का खेत
कपोत चुग्गा स्थल
नन्ही बालिका
२३.
सोनार गढ़
रेतीले राजपथ
आँक के पौधे
२४.
पहाड़ी बस्ती
पेड़ से गिरा ग्वाला
भेड़ की ऊन
२५.
नदी किनारे
घरौंदे में सीपियाँ
लाश पे काग
२६.
अमलताश
मधुमक्खी का छत्ता
कपि मंथन
२७.
खेत सिंचाई
सूखी घास झाड़ियाँ
दियासलाई
२८.
ग्रीष्म की साँझ
आग लगे घर में
नाचती बाला
२९.
प्रथम वर्षा
किसान की धरती
खून के छींटे
३०.
भादौ की वर्षा~
केले का पत्ता बजा
नाचे बालक
३१.
चौके में माता
तेल मसाला गंध
पथ में छींक
३२.
नीम में नीड़
टहनी पर चढ़ी
गलबहियाँ
३३.
वन विहार
भड़की दावानल
युवा मंडली
३४.
बुद्ध पूर्णिमा
वर वधु संदेह
स्वेद से भीगे
३५
कमल ताल
आलिंगित भ्रमर
युवा रोमांच
३७.
सावन तीज
झूले पर किशोरी
उड़े चुनरी
३८.
बसंत भोर
बजा ढोल का डंका
टीन छप्पर
३९.
बैसाख संध्या
अन्न ढेरी को ढंकी
भीगा कृषक
४०.
प्रथम वर्षा
मेड़ करे किसान
हँसी बालिका
४१.
बुद्ध पूर्णिमा
विवाह के मंडप
पुलिस दल
४२.
ज्येष्ठ दशमी
फेरों संग दम्पत्ति
स्वेद में स्वप्न
४३.
वर्षा का जल
भीगे बालिका पैर
पथ कंटक
४४.
आम्र मंजरी
फल कुतरे शुक
बाज का पंजा
४५.
फाल्गुन मेघ
ढोल ताशे नगाड़ा
पीपल पात
४६.
हवामहल
जालीदार भवन
कपि युगल
४७.
गृह वाटिका
पेड़ के राखी बाँधी
हँसी बालिका
४८.
गोप अष्टमी
झांके ग्वाल का घर
गाय बछड़ा
४९.
गोप अष्टमी
बछड़े के तिलक
प्लास्टिक थैली
५०.
आम बागान
वर्षा में भीगे वानर
बया का नीड़
५१.
ताजमहल
वृद्धा बेचे तस्वीर
अशोक वृक्ष
५२.
बच्छ द्वादशी
कार की दुर्घटना
तड़पे गाय
५३.
सावन तीज
झूले पर किशोरी
गोद मे स्वप्न
५४.
प्रेम दिवस
छात्र-छात्रा के शव
हवाई किला
५५
*बँधा युवक*
*सजी ग्राम्य चौपाल*
*नँगाड़ा गूँज*
५६.
बैसाख साँझ
कैरी जीरा चटनी
ताजी रोटियाँ
५७.
नीम की डाल
बल खाए कोबरा
चील का पंजा
५८.
तिमनगढ़
सैलानी पे झपटा
चमगादड़
५९.
फाग पूर्णिमा
मेंहदी रचे हाथ
बलूकड़ियाँ
६०.
चैत्र की भोर
हरियल प्रवासी
पीपल फल
६१.
होली दहन
रक्त से सने हाथ
जौं की बालियाँ
६२.
बंजर भूमि
ट्रैक्टर पर श्वान
टिटहरियाँ
६३.
विद्युत पोल
वानर का मचान
झूले पतंग
६४.
भोर का तारा
घुटने मध्य बाल्टी
मुर्गे की बाँग
६५.
कमल ताल
आलिंगित भ्रमर
खीर मखाना
६६.
गोचर भूमि
टिटहरी के अण्डे
ग्वाल मवेशी
६७.
रामनवमी
भीगा धरतीपुत्र
गेंहूँ फसल
६८.
फाग के मेघ
बिखरे पंछी शव
बर्फ की पर्त
६९.
फाग फुहार
पसरी है फसल
लोमड़ी पंख
७०.
भादौ का ताप
चूहा दाबे नागिन
मयूर भोज
७१.
तालछापर
घर में रखी रोटी
काला हरिण
७२.
चमगादड़
माँ की आँखो से नीर
लौटा प्रवासी
७३.
माघ पूर्णिमा
वेणेश्वर का मेला
अस्थि थैलियाँ
७४.
बेटी दिवस
झाड़ियों में बालिका
स्वान उत्सव
७५.
माँ की ममता
नीम पर मर्कटी
गोद में पिल्ला
७६.
पद्मला ताल
बाघिन का शिकार
झूला मकर
७७.
जोगी महल
वन्य जड़ी बूटियाँ
बाघ का नख
७८.
गोरस धार
घुटनो मध्य बाल्टी
हाथ में थन
७९.
चूरमा बाटी
ऊपलों का जगरा
आटे की पिण्डी
८०.
चाँदनी रात
पीठ पर बकरी
चोर जरख
८१.
चैत्र मध्यान्ह
नीम डाल पे तोते
विरहा आह
८२.
देवशयनी
मंडप संग पंगत
थाली में भेक
(भेक=मेढ़क)
८३.
अक्षय तीज
विवाह का मंडप
हथकड़ियाँ
८४.
सावन वर्षा
बया नीड़ का टोपा
खेत हरषा
८५.
मिट्टी का चूल्हा~
माँ के हाथ में रोटी
मक्खन बड़ा
८६.
पुष्कर मेला
बाजरे की रोटियाँ
नाचे प्रवासी
८७.
दादुर ध्वनि
छप्पर पर वृद्ध
हाथ में पानी
८८.
अमा की रात
उजड़ा बया नीड़
मिट्टी चमकी
८९.
भादौ के मेघ
चींटियाँ ढोये अण्डे
तीतर मैना
९०.
बैसाख भोर
पत्तों पर अंजीर
बाल जीमण
९१
ज्येष्ठ की ताप
घट मतीरा क्यारी
सत्तू शक्कर
९२.
चंद्र ग्रहण
कटी चाँदी की थाली
गेरुआ छींटे
९३.
आसोज साँझ
टिड्डे लपके स्वान
प्रकाश पथ
९४.
फाग में ओले
बिखरे पंख रंग
पथ पे रूई
९५.
शीत लहर
वृद्धा के हाथ काँपे
तीली माचिस
९६.
प्रेम दिवस
वृद्धाश्रम के द्वार
माँ बाप साथ
९७.
रास पूर्णिमा
खीर से भरा दोना
खाँसे बुजुर्ग
९८.
कार्तिक साँझ
चौक लीपे बालिका
पीठ पे शिशु
९९.
कसैलापन
माँ के हाथ में शीशी
शिशु की चीख
१००.
ठूँठ झंखाड़
चिड़िया का घोंसला
बिखरेअण्डे
. °°°°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा ,बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,दौसा, राजस्थान
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ*
. *हाइकु …१००*
. *तृतीय शतक*
. °°°°°°°

बुलकड़ियाँ
रिक्त गौशाला द्वार
सूखा गोबर।

चैत्र प्रभात
विधवा का शृंगार
दूर्वा टोकरी।

फाग पूर्णिमा
डंडे पर जौ बाली
बालक दौड़ा।

होली दहन
चूल्हे पे हंसती माँ
गेहूँ बालियाँ।

मदिरालय
कुतिया को पकोड़े
नाली में वृद्ध।

औषधालय
चारपाई पे वृद्ध
नीम निम्बोली।

कैर साँगरी
बाजरी की रोटियाँ
हाथ खरोंच।

चंग का स्वर
मातृ गोद बालिका
आँख में आंसू।

निम्बू का रस
रंगे हाथ बालिका
मेंहदी तीली।
१०
भंग की गोली
सिल बट्टे पे पिस्ता
बादाम गिरी।
११
अजवायन
अरबी की पत्तियाँ
बेसन लेप।
१२
प्याज की क्यारी
किसान की बेटियाँ
छाछ राबड़ी।
१३
बेसन गट्टा
आग पर लिपटे
आटे की पिंडी।
१४
दाल पकौड़ी
सिल बट्टे पे मिर्च
बालिका चीख।
१५
महा नवमी
सब्जी में तेज पत्ता
बाला को सिक्का।
१६
पगड़ी रस्म
खीर जलेबी पूरी
खूँटी पे चूड़ी।
१७
लग्न पत्रिका
लाल डोर लपेटे
गुड़ चावल।
१८
स्वाति नक्षत्र
माँझी की टोकरियाँ
शंख सीपियाँ।
१९
धन तेरस
नव युवा हर्षित
मंगल सूत्र।
२०
मखाना बीज
कमल पुष्प दल
तैरता युवा।
२१
चैत मध्यान्ह
थालियों में गुलाब
फूलों पे चीनी।
२२
कमल डंडी
युवकों की तैराकी
तरुण शव।
२३
सरिस्का वन
मृग छौना उछले
लकड़बग्घा।
२४
पहाड़ी मार्ग
अनियंत्रित कार
रक्त की धार।
२५
बासोड़ा भोर
थाली मे पकवान
पथ में वृद्धा।
२६
शहद छत्ता
करील की झाड़ियाँ
भल्लुक मुख।
२७
हाथी के दाँत
चूड़ी पर नगीना
खुश जौहरी।
२८
विधान सभा
चौपाल पे बुजर्ग
चंगा पै ताश।
२९
सचिवालय
बाल मेले में चाय
आबाद हाट।
३०
हैलीकाँप्टर
खेत में चूहे बिल
झपटा बाज।
३१
पावस भोर
चौके में झाड़ती माँ
उछले टोड।
(टोड~ मेंढक की एक प्रजाति)
३२
पनडुब्बियाँ
सिंघाड़े की लताएँ
जलमुर्गियाँ।
३३
सागर तट
रेत से भरी ट्राली
मच्छ टोकरी।
३४
चाँधन ताल
खेजड़ी पर रंग
प्रवासी पंछी।
३५
पावस साँझ
नीम झरी पत्तियाँ
धुँआ गुबार।
३६
शीत यामिनी
काँपे किसान हाथ
टार्च फावड़ा।
३७
ग्रीष्म मध्यान्ह
वृद्धा बो रही खेत
मूँगफलियाँ।
३८
रसोई गैस
चिल्ली में सूखे कण्डे
चारे का झूंपा।
३९
रसोईघर
वृद्धा घर जुटाए
सरसों डाँड ।
४०
तोरई लता
पत्तों पे खीर पूरी
वायस भोज।
४१
मातृ दिवस
शहीद की बेटियाँ
अर्थी को काँधा।
४२
गौरी पूजन
खेत में गेहूँ काटे
गवरी बाला।
४३
ग्रीष्म मध्यान्ह
मौन विद्युत पंखा
कपोत जोड़ा।
४४
आम का वृक्ष
चोंच ठोंके विहग
कठफोड़वा।
४५
गोंद की बर्फी
खैर बबूल पेड़
ग्वाल की जेब।
४६
च्यवनप्राश
आँवले की गुठली
कढ़ाई पल्टा।
४७
गेंहू की बोरी
चढाई पर रिक्शा
हठी युवक।
४८
दाह संस्कार
झुका युवक सिर
नाई के आगे।
४९
फसल बीमा
खेत में पटवारी
जेब में भार।
५०
चम्बल तट
बजरी भरी नौका
पुलिस थाना।
५१
पाणिग्रहण
माँ के हाथ में हल्दी
आँखों में नीर।
५२
यज्ञोपवीत
पंचगव्य का दोना
वटुक हँसा ।
५३
मातृ दिवस
फोटो देखती बेटी
आँखों में नीर।
५४
ज्येष्ठ अष्टमी
उबटन कटोरा
चाची भाभियाँ।
५५
चैत्र की भोर
दँराती पर हाथ
माँ बेटी पिता।
५६
चैत्र मध्यान्ह
बाल्टी लिए बधूटी
कटोरदान।
५७
चैत्र की साँझ
सिर पे चारा पोट
हाथ गौ रस्सी।
५८
जूड़ा मूसल
दुल्हन को रोकती
ननद बुआ।
५९
दादी का बक्सा
साटन की अँगिया
चाँदी का सिक्का।
६०
मवेशी मेला
कालबेलिया नृत्य
पुष्कर ताल।
६१
भादौ चतुर्थी
चाँद देखे युवक
गाल पे चाँटा।
६२
आषाढ़ पूनं
दिन में सोया पूत
खीझा किसान।
६३
चैत्र नवमीं
सिर पर पोटली
मेले में वधू।
६४
सौरूँ का घाट
सिर मुँडे युवक
हाथ पे सिक्के।
६५
जेष्ठ मध्यान्ह
किसान परिवार
मूँज मोगरी।
६६
सावन वर्षा
वृद्ध खोलता मूँज
खाट दावणी।
६७
सावन मेघ
क्रीडांगण में मोर
बालिका नृत्य।
६८
भादौ के मेघ
पीपल पर बिल्ली
मयूर केकी।
६९
चैत्र यामिनी
खेत में पति पत्नी
पकी फसल।
७०
बैसाख भोर
पल्लू पकड़े खड़ी
तूड़े की पोट।
७१
गेहूँ की ढेरी
थ्रेसर पर वृद्ध
हाथ पे रक्त।
७२
शीतगोदाम
बाबू की मेज भरी
कृषक पीर।
७३
गुलाब गुच्छ
क्यारी लगा फव्वारा
बाला के वस्त्र।
७४
पूस की रात
सिंचाई संग ओस
भीगा युगल।
७५
परिचालक
ट्रेन में मूंगफली
कटा युवक।
७६
परिचारिका
चिकित्सालय बेंच
गिफ्ट पैकेट।
७७
चिकित्सालय
पौंछे जच्चा के आँसू
सहयोगिनी।
७८
नीम के पत्ते
चूल्हे पे तपे माता
कढ़ी मसाला।
७९
गोखरू पाक
बालिका के तलुए
जय जवान।
८०.
चैत्र विभात
शतावरी की जड़
अश्व सी गंध।
८१.
अमृता लता
चौके में माँ तैनात
काढ़ा कटोरी।
८२.
गिलोय वटी
बेटी के सिर भाल
गीला कपड़ा।
८३.
तुलसी पत्ता
बालिका धोये हाथ
ब्लेक टी कप।
८४.
चैत्र वासर
रोटी पे सहजन
गोभी का फूल।
८५.
गृह वाटिका
सहजन की फली
चौके में गंध।
८६.
चैत्र प्रभात
सर्पगंधा के पुष्प
भ्रमर दल।
८७.
त्रिफला चूर्ण
आँवले सुखाए माँ
बजी खरल।
८८.
ईसबगोल
बैठक में दादाजी
दही की लस्सी।
८९.
खेल मैदान
छात्राओं की टोलियाँ
पौधारोपण।
९०.
झींगा मछली
ताल में बालिका
आटे की गोली।
९१.
बया दिवस
जागरूक शिक्षक
नीड़ का चित्र।
९२.
आम्र मंजरी
पीठ पे लगी टंकी
कीटनाशक।
९३.
*मातृ दिवस*
*चिता पे चीरा शव*
*धात्री उदर*।
९४.
हवन वेदी
दिव्यांग दुल्हनिया
गोद में फेरे।
९५.
तोरण द्वार
दूल्हे की उठी छड़ी
उड़ी चिड़िया।
९६.
डेयरी बूथ
किसान की केतली
छाछ की थैली।
९७.
अशोकारिष्ट
चूल्हे पर देगची
पानी में छाल।
९८.
धनुष बाण
भील बाला के हाथ
गोदना यंत्र।
९९.
सुहाग सेज
दुल्हन का शृंगार
हंँसी बालिका।
१००.
पितृ दिवस
घोड़ी पे बैठा दूल्हा
नन्ही बालिका।
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✍©
बाबू लाल शर्मा बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,दौसा, राजस्थान
9782924479
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1 Comment
  1. बाबू लाल शर्मा बौहरा

    रचना कैसी लगी
    आटकी समीक्षा की प्रतीक्षा है
    सादर

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