#बाबूलाल शर्मा बौहरा

यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर ०बाबू लाल शर्मा बौहरा के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी करवाचौथ Karthik Krishna Chaturthi Karvachauth

करवाचौथ पर हिंदी कविता

करवाचौथ पर हिंदी कविता– करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाने वाला पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ मनाती हैं। यह व्रत सवेरे सूर्योदय …

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14 सितम्बर हिन्दी दिवस 14 September Hindi Day

हिन्दी की महत्ता पर कविता

हिन्दी की महत्ता पर कविता – मानव जाति अपने सृजन से ही स्वयं को अभिव्यक्त करने के तरह-तरह के माध्यम खोजती रही है। आपसी संकेतों के सहारे एक-दूसरे को समझने की ये कोशिशें अभिव्यक्ति के सर्वोच्च शिखर पर तब पहुँच गई जब भाषा का विकास हुआ। भाषा लोगों को आपस मे जोड़ने का सबसे सरल …

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चांदनी पर कविता

शुभ्र शरद पूर्णिमा – बाबूलाल शर्मा

शुभ्र शरद पूर्णिमा – बाबूलाल शर्मा शुभ्र शरद शुभ पूर्णिमा, लिए शीत संकेत।कर सोलह शृंगार दे, चंद्र प्रभा घर खेत।। दक्षिण पथ रवि रथ चले, शरद पूर्णिमा देख।कृषक फसल के बीज ले, हल से लिखे सुलेख। श्वाँस कास उपचार हित, खीर चाँदनी युक्त।उत्तम औषधि वैद्य दे, करे रोग से मुक्त।। सुधा बरसता चन्द्र से, कहते …

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Mahatma gandhi

दोहा मुक्तक-बापू पर कविता

दोहा मुक्तक-बापू पर कविता सदी वही उन्नीसवीं, उनहत्तर वीं साल।जन्मे मोहन दास जी, कर्म चंद के लाल।बढ़े पले गुजरात में, पढ़ लिख हुए जवान।अरु पत्नी कस्तूरबा, जीवन संगी ढाल। भारत ने जब ली पहन, गुलामियत जंजीर।थी अंग्रेज़ी क्रूरता, मरे वतन के वीर।हाल हुए बेहाल जब, कुचले जन आक्रोश।देख दशा व्याकुल हुए, गाँधी जी मति धीर। …

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ravan-dahan-dashara

अब तो मन का रावण मारें(१६ मात्रिक गीत)

अब तो मन का रावण मारें (१६ मात्रिक गीत) बहुत जलाए पुतले मिलकर,अब तो मन का रावण मारे। जन्म लिये तब लगे राम से,खेले कृष्ण कन्हैया लगते।जल्दी ही वे लाड़ गये सब,विद्यालय में पढ़ने भगते।मिल के पढ़ते पाठ विहँसते,खेले भी हम साँझ सकारे।मन का मैं अब लगा सताने,अब तो मन का रावण मारें। होते युवा …

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विजय पर्व दशहरा

विजय पर्व दशहरा राम समन्दर सेतु हित, कपि गण नल हनुमंत।सतत किए श्रम साधना, कृपा दृष्टि सियकंत।। किए सिन्धु तट स्थापना, पूजे सहित विधान।रामेश्वर शुभ रूप शिव, जगत रहा पहचान।। सैन्य चढ़ी गढ़ लंक पर, दल ले भालु कपीश।मरे दनुज बहु वीर भट, सजग राम जगदीश।। कुम्भकर्ण घननाद से, मरे दनुज दल वीर।राक्षसकुल का वह …

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता

भाग्य मुकद्दर नसीब पर कविता

भाग्य/मुकद्दर/नसीब पर कविता- सोरठा छंद कर्म लिखे का खेल, भाग्य भूमि जन देश का।कौरव कुल दल मेल, करा न माधव भी सके।। लक्ष्मण सीताराम, भाग्य लेख वनवास था।छूट गये धन धाम, राजतिलक भूले सभी।। पांचाली के भाग्य, पाँच पति जगजीत थे।भोगे वन वैराग्य, कृष्ण सखी जलती रही।। कहते यही सुजान, भाग्य बदलते कर्म से।जग में …

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नन्हे बहादुर-लाल बहादुर शास्त्री जी - कविता बहार - हिंदी कविता संग्रह

नन्हे बहादुर-लाल बहादुर शास्त्री जी

नन्हे बहादुर-लाल बहादुर शास्त्री जी दोहा छंद सदी बीस प्रारंभ में, चलती चौथी साल।दो अक्टूबर को लिए, जन्म बहादुर लाल।। जन्मे मुगल सराय में, वाराणसी सनेह।राम दुलारी मात थी, पिता शारदा गेह।। बचपन में गुजरे पिता, पले बढ़े ननिहाल।निर्धनता का सामना, करते पढ़ते लाल।। फिर चाचा के पास में, पहुँचे मुगलसराय।शिक्षा मे रह अग्रणी, लाल …

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आश्विन शुक्ल दशमी दशहरा Ashwin Shukla Dashami Dussehra

मनहरण घनाक्षरी -दशहरा

मनहरण घनाक्षरी -दशहरा नवरात्रि अतिकान्त,दैत्यगण भयाक्रांत,तिथि विजयदशमी,सब को गिनाइए। राम जैसे मर्यादित,रहो सखे शांतचित,धीर वीर देश हित,गुण अपनाइए। यथा राम शक्ति धार,दोष द्वेष गर्व मार,तिया के सम्मान हेतु,पर्व को मनाइए। आसुरी प्रतीक मान,सनातनी रीति ज्ञान,दानवी बुराई रूप,रावण जलाइए। बाबू लाल शर्मा, बौहरा, विज्ञसिकन्दरा, दौसा, राजस्थान

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नवदुर्गा पर दोहा – बाबूलाल शर्मा

नवदुर्गा पर दोहा ~ १ ~मात शैल पुत्री प्रथम, कर पूजन नवरात।घट स्थापन पूजा करें, मिले सर्व सौगात।।. ~ २ ~ब्रह्मचारिणी रूप माँ, दिवस दूसरे जान।शक्ति मिलेगी भक्ति से, माता का वरदान।।. ~ ३ ~मात चन्द्रघंटा भजें, दिन तृतीय का रूप।मानस रहे चकोर सा, करिए भक्ति अनूप।। . ~ ४ ~कुष्मांडा चौथे दिवस, पूजन रूप …

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