#गीता द्विवेदी

यहाँ पर हिन्दी कवि/ कवयित्री आदर०गीता द्विवेदी के हिंदी कविताओं का संकलन किया गया है . आप कविता बहार शब्दों का श्रृंगार हिंदी कविताओं का संग्रह में लेखक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किये हैं .

माँ को समर्पित रचना

माँ को समर्पित रचना ज़ख्म भर जाता नया हो, या पुराना गोद में,हाँ खुशी से पालती है, माँ ज़माना गोद में। वो दुलारे वो सँवारे, वो निहारे प्यार से,लोरियाँ भी हैं ऋचाएँ, गुनगुनाना गोद में। चाँद तारे खेलते हैं, सूर्य अठखेली करे,आसमां भी ढूँढता है, आशियाना गोद में। मैं सुखी था मैं सुखी हूँ, और …

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता

गीता द्विवेदी की शानदार कविता

गीता द्विवेदी की शानदार कविता अलाव कभी-कभी जिंदगीअलाव जैसी धधकती हैउसमें हाथ सेंकते हैंअपने भी पराए भीबुझने से बचाने कीसबकी कोशिश रहती है,डालते रहते हैं,लकड़़ियाँ पारी-पारी,कितना अजीब है ना!न आग न धुआँपर जिंदगी तो जलती है,सभी को पता है।क्योंकि कभी न कभी,सभी को इसका अनुभव हुआ है।कोई राख हो जाता है,कोई कुन्दन,और तब…..हाथ सेंकने वाले,दूर …

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kavita bahar

कुछ चिन्ह छोड़ दें -गीता द्विवेदी

कुछ चिन्ह छोड़ दें -गीता द्विवेदी मृत्यु आती है ,सदियों से अकेले ही ,बार – बार , हजार बारलाखों , करोड़ों , अरबों बार ।पर अकेले जाती नहीं ,ले जाती है अपने साथ ,उन्हें , जिन्हें ले जाना चाहती है ।एक , दो या हजारकुछ भयभीत रहते हैं ,उसके नाम से , उसकी छाया से …

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

मैं ना केवल एक स्त्री हूँ

मैं ना केवल एक स्त्री हूँ मैं ना केवल एक स्त्री हूँ ऐसे न देखो मुझे ,कि मैं केवल एक स्त्री हूँ ,मुझमें माँ , बहन , बेटी ,और गृह – लक्ष्मी का रूप ,भी निहार लो।माथे पर मर्यादा का आँचल ,आँखों में ममता का सागर ,हाथों में सेवा का गागर ,हो सके तो इनसे …

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