कार्तिक कृष्ण द्वादशी धनतेरस

धनतेरस(छप्पय छंद)- सुकमोती चौहान “रुचि”

छप्पय छंद?धनतेरस?सजा धजा बाजार, चहल पहल मची भारीधनतेरस का वार,करें सब खरीद दारी।जगमग होती शाम,दीप दर दर है जलते।लिए पटाखे हाथ,सभी बच्चे खुश लगते।खुशियाँ भर लें जिंदगी,सबको है शुभकामना।रुचि अंतस…

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धनतेरस त्यौहार-संतोष नेमा “संतोष”

धन की वर्षा हो सदा,हो मन में उल्लासतन स्वथ्य हो आपका,खुशियों का हो वासजीवन में लाये सदा,नित नव खुशी अपारधनतेरस के पर्व पर,धन की हो बौछारसुख समृद्धि शांति मिले,फैले कारोबाररोशनी…

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माधुरी मंजरी-धनतेरस

       ★■◆● धनतेरस ●◆■★शल्य शास्त्र के जनक हैं,   धन्वंतरि भगवान ।       वेद शास्त्र महिमा सदा ,           नेति नेति कर गान ।। 1।।महा…

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धनतेरस-विनोद सिल्ला

- - ० ० धनतेरस ० ०निर्धन व्यक्ति तंगहाल है,धनतेरस का नहीं ख्याल है,मिठाई नहीं रोटी के लाले,चुल्हे पे लगे मकङी जाले,तवा उपेक्षित रो रहा है,तंगी में धैर्य खो रहा…

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धनतेरस के दोहे- बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

दोहे (धन तेरस)धनतेरस का पुण्य दिन, जग में बड़ा अनूप।रत्न चतुर्दश थे मिले, वैभव के प्रतिरूप।।आज दिवस धनवंतरी, लाए अमृत साथ।रोग विपद को टालते, सर पे जिसके हाथ।।देव दनुज सागर…

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