14 सितम्बर हिन्दी दिवस पर कविता

हिन्‍दी दिवस 14 सितम्बर को  देशभर में मनाया जाता है। 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिन्‍दी को देश की राजभाषा के रूप में स्‍वीकार किया था। हिन्‍दी विश्‍व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में एक है और 52 करोड से अधिक लोगों की पहली भाषा है।

हिंदी पर कविता – मदन सिंह शेखावत

कुण्डलिया हिंदी हिंदी बोली देश की,बहुत मधुर मन मस्त ।इसे सभी अपना रहे , करे विदेशी पस्त।करे विदेशी पस्त , राष्ट्र भाषा का दर्जा।करे सभी अब काम , उतारे माँ का कर्जा।कहे मदन कर जोर,भाल भारत की बिन्दी।देवे सब सम्मान , देश में बोले हिन्दी।। हिंदी भाषा देश की , सारे जग विख्यात।तुलसी सूर कबीर …

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राष्ट्र भाषा हिन्दी – बाबूराम सिंह

14 सितम्बर-2022 हिन्दी दिवस पर विशेष राष्ट्र भाषा हिन्दी – बाबूराम सिंह सर्वश्रेष्ठ सर्वोपरि सुखद सलोना शुभ,सरल सरस शुचितम सुख कारी है।भव्य भाव भूषित भारत भरम भरोस,निज अंक भरे जन-जन हितकारी है। अनमोल एकता का अनूठा स्तम्भ दृढ,अविचल विश्व बन्धुत्व की पुजारी है।हर भाव हर दृष्टिकोण से उत्तम अति,कवि बाबूराम भाषा हिन्दी हमारी है। अस्तु …

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हिंदी हमारी भाषा – सुशी सक्सेना

हिंदी हमारी भाषा, युगों-युगों से पूजी जाती, हिंदी हमारी मातृभाषा।भारत देश के माथे की बिंदी, हमारी राष्ट्रभाषा।अंग्रेजों को मार भगाया, फिर भी रह गई अंग्रेजी।हिंदी की है साख निराली, इसके जैसा कोई नहीं। लगे गुरुमंत्र के जैसी, जीवन की यह आशा।संस्कृति और सभ्यता, की है यह परिभाषा।कितनी मधुर, कितनी मृदुल, अति रोचक भाषापढ़ने की हर …

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साक्षरता का अर्थ

मातृ भाषा पर कविता – विनोद कुमार चौहान

देख रहा है बिनोद ++##++##++##++##++##++ देख रहा है बिनोद,मातृभाषा की क्या दुर्दशा है?खुद तो बोलने को कतराते हैं,और विश्व भाषा बनाने की मंशा है। देख रहा है बिनोद,फर्राटेदार अंग्रेजी को शान समझते हैं।जो हिन्दी का ज्ञान रखता है,उसे अनपढ़, गंवार, नादान समझते हैं। देख रहा है बिनोद,हिन्दी की औचित्यता इतनी सी रह गई है।कभी जो …

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हिन्दी पर कविता – बाबूलाल शर्मा

बाबूलालशर्मा,विज्ञ. मनहरण घनाक्षरी. *हिन्दी*. —+—‘विज्ञ’ छन्द नवगीत,हिंदी देश प्रेम प्रीत,जैन बौद्ध हिंदु रीत,👌देश क्षेत्र छानिए। सूर से कबीर सन्त,जायसी से मीरा पंत,हिंदी पुष्प कवि वृंत,👌भाव पहचानिए। सम्पदाई व्याकरण,संस्कारित आचरण,छन्द गीत आभरण,👌भव्यभाव जानिए। भारती के भाल बिंदी,देवभाषा धिया हिन्दी,राष्ट्रीय एकता हित,👌मातृ भाषा मानिए।. —+—✍©बाबू लाल शर्मा, बोहरा, विज्ञसिकन्दरा, दौसा, राजस्थान👀👀👀👀👀👀👀👀👀

राष्ट्र भाषा हिन्दी पर कविता -बाबूराम सिंह

हिन्दी दिवसकीअग्रिम शुभकामनाएं  व हार्दिक बधाई                                              राष्ट्र भाषा हिन्दी                 ————————-             भारत  की  भाषा  हिन्दी ,सबसे सुन्दर जान।यही दिलासकती हमें,यश गुण मान सम्मान।।सभ्यता संस्कृति सुखद,सुधर्म शुचि परिवेश।हिन्दी  से  हीं  पा सकता ,प्यारा भारत देश।। अनुपम भाषा देश  की,अतिशय प्यार दुलार।मातृ  भाषा  हिन्दी  बनें ,हिन्द  गले  का हार।।सरल शुभ  है सदा सरस,हिन्दी मय व्यवहार।सभी  …

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता

हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ‘हरीश ‘ की कवितायेँ

प्रस्तुत कविता 14 सितंबर हिंदी दिवस पर लिखी गई है जिसमें हिंदी की महत्व का वर्णन किया गया है।

स्वर्ग से सुन्दर मेरा हिंदी हिंदुस्तान - कविता बहार - हिंदी कविता संग्रह

स्वर्ग से सुन्दर मेरा हिंदी हिंदुस्तान

हिंदी और हिंदुस्तान का गहरा सम्बन्ध है तभी तो भारत महान है कुछ हिंदुस्तान पर लिखी गयी कविता |

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