20 नवम्बर बाल अधिकार दिवस पर कविता

20 नवम्बर बाल अधिकार दिवस || 20 November Children’s Rights Day

नई सदी का बचपन

नई सदी का बचपन न मिट्टी के खिलौनें,न वो पारम्परिक खेल।जहाँ पकड़म-पकड़ाई, छुपम-छुपाईचोर-सिपाही, बच्चों की रेल।अब न दादी के हाथ का मक्खनन नानी का वो दही-रोटा,राजा-रानी की कहानियाँजो सुनाती थी दादी-नानीअब बन कर रह गईएक कहानी। स्कूल से सीधा पीपल पर जानाघंटो खेल खेलना और बतियानामित्र मण्डली सँग घूमनावो बारिश में नहानावो बच्चों का बचपनऔर …

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अच्छा था बचपन मेरा

अच्छा था बचपन मेरा कहाँ फँस गएजिम्मेदारियों के दलदल मेंहोकर जवानइससे तो अच्छा थाबचपन मेरा न कोई दिखावान कोई बहानासब कुछ अपना ही अपनान मेरान तेराइससे तो अच्छा थाबचपन मेरा सब कुछ मिल जाता थाछोटी सी जिद्द सेरोकर आँसू बहाने सेअब तोबहाना पड़ता है पसीनाशाम हो या सवेराइससे तो अच्छा थाबचपन मेरा सुबह खेलते, खेलते …

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