नीलम त्यागी, जिन्हें “नील” के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रमुख लेखिका और साहित्यिक हैं जो अपनी रचनाओं में पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर करती हैं। उनकी कविताओं और कहानियों में प्रकृति के साथ हमारे संबंध की महत्वपूर्ण भूमिका है, और वे अक्सर वृक्षारोपण और पर्यावरण की रक्षा के संदेश को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करती हैं।
वृक्ष लगाएं, धरती बचाये/नीलम त्यागी ‘नील’

आओ मिलकर पेड़ लगाएं…
इस धरा को वसुंधरा बनाये…
एक वन हम ऐसा सजाये…
जिससे सारे रोग कट जाएं…
प्रदूषण को ऐसी मार लगाएं…
आओ एक वृक्ष सभी लगाएं…
एक एक करके सभी उपवन बनाये…
मानव से ज्यादा हम वृक्ष लगाएं…
इस धरा को हम सभी बचाये…
जल और पेड़ का महत्त्व बताएं..
जीवन अपना उपयोगी बनाएं..
महानता वृक्षों की सभी को समझाये…
समय रहते ही सजग हो जाएं…
जीवन हम अपना ऐसा बनाये…
पेड़ों से इस ज़मीं को सजाये…
संदेश ये सारे जग में फैलाएं….
नीलम त्यागी ‘नील’


