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मनोरमा चंद्रा के दोहे
बीज मनुज का शैशव है-रेखराम साहू
मां का स्पर्श -सुशी सक्सेना
जस्टीशिया(न्याय की देवी) -रेखराम साहू
श्याम कैसे मिले राधा से – स्वपन बोस
12 महीनों पर कविता (बारहमासा कविता)
समय की चाल – पद्म मुख पंडा
बेवफ़ाई पर ग़ज़ल – माधुरी डड़सेना ” मुदिता”
श्री नाथ की स्तुति – डॉ मनोरमा चंद्रा रमा
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