Warning: foreach() argument must be of type array|object, null given in /home/u953544830/domains/kavitabahar.com/public_html/wp-content/plugins/code-snippets/php/snippet-ops.php(663) : eval()'d code on line 749
युवा वर्ग आगे बढ़ें

युवा वर्ग आगे बढ़ें

युवा वर्ग आगे बढ़ें छन्द – मनहरण घनाक्षरी युवा वर्ग आगे बढ़ें,उन्नति की सीढ़ी चढ़ें,नूतन समाज गढ़ें,एकता बनाइये। नूतन विचार लिए,कर्तव्यों का भार लिए,श्रम अंगीकार किए,कदम बढ़ाइए। आँधियाँ हैं सीमा पार,काँधे पे है देश भार,राष्ट्र का करें उद्धार,वक्त पहचानिए। बहकावे में न आयें,शिक्षा श्रम अपनायें,राष्ट्र संपत्ति बचायें,आग न लगाइए। ✍सुश्री गीता उपाध्याय रायगढ़ (छत्तीसगढ़)

युवा वर्ग आगे बढ़ें

स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद

छन्द – मनहरण घनाक्षरी

युवा वर्ग आगे बढ़ें,
उन्नति की सीढ़ी चढ़ें,
नूतन समाज गढ़ें,
एकता बनाइये।

नूतन विचार लिए,
कर्तव्यों का भार लिए,
श्रम अंगीकार किए,
कदम बढ़ाइए।

आँधियाँ हैं सीमा पार,
काँधे पे है देश भार,
राष्ट्र का करें उद्धार,
वक्त पहचानिए।

बहकावे में न आयें,
शिक्षा श्रम अपनायें,
राष्ट्र संपत्ति बचायें,
आग न लगाइए।

सुश्री गीता उपाध्याय रायगढ़ (छत्तीसगढ़)

📢

इस रचना को साझा करें

👁️ 1 व्यूज 📖 1 मिनट पठन

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top